फल-सब्जियों पर दो फीसदी से ज्यादा कमीशन नहीं ले सकते अढ़तिया

भोपाल। प्रदेश की किसी भी मंडी में अब किसानों से अढ़तिया दो फीसदी से ज्यादा कमीशन नहीं ले सकते। फल और सब्जी (केला छोड़कर) बेचने पर इससे ज्यादा कमीशन लेने की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई होगी।

ये आदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को मंत्रालय में कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि अब मंडी बोर्ड सड़क नहीं बनाएगा। इसके लिए राशि ग्रामीण विकास विभाग को दी जाएगी। ड्रिप, स्प्रिंकलर सहित अन्य उपकरण किसान सीधे खरीदें और विभाग अनुदान की राशि खाते में डाल दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को फल और सब्जी बेचने मंडियों में दस प्रतिशत तक कमीशन देना पड़ता है।

मेहनत किसान करते हैं, मुनाफा बिचौलिए कमाते हैं और बाजार में ये महंगा हो जाता है। इस पर सख्ती से रोक लगाई जाए। इसके पहले सोमवार को उद्यानिकी विभाग ने दो फीसदी कमीशन तय करने के आदेश जारी कर दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने मंडी बोर्ड द्वारा बनाई जाने वाली सड़कों को लेकर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सड़क बनाना मंडी बोर्ड का काम ही नहीं है, तो फिर इसे क्यों किया जा रहा है। इसकी जगह ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण को राशि दी जाए। जो इंजीनियर मंडी बोर्ड के पास हैं, उनका उपयोग अन्य निर्माण कार्यों में किया जाए। केंद्र सरकार की विभिन्न् योजनाओं की प्रदेश में दरकार नहीं है।

इनके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजें कि राज्य कौन-सी योजना चलाना चाहता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, राष्ट्रीय आइल सीड मिशन जैसे कार्यक्रमों में हितग्राहियों का सत्यापन कराएं। अनुदान वाली योजनाओं में गड़बड़ियों पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता हर हाल में होनी चाहिए। कृषि से संबंधित खरीदी में दलालों की भूमिका खत्म की जाए। बैठक में कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन, कृषि उत्पादन आयुक्त पीसी मीणा, मुख्यमंत्री के सचिव विवेक अग्रवाल सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

 

Random Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*