भोपाल में बनेगी छह तहसीलें, होगा 4 हजार कॉलोनियों को फायदा

भोपाल. बैरसिया और हुजूर तहसील के गठन के 42 साल बाद भोपाल जिले में छह नई तहसीलों का गठन का रास्ता साफ हो गया है। तहसील मुख्यालयों के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई हैं। नई तहसीलों के गठन से शहर की चार हजार कॉलोनियों के 20 लाख लोगों को नामांतरण, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास संबंधित कई काम आसानी से हो सकेंगे। साथ ही जिला प्रशासन को भी जमीन के सरकारी रेट तय करने वाली कलेक्टर गाइडलाइन बनाने से लेकर प्राकृतिक आपदा के मुआवजा की राशि के वितरण में आसानी होगी।
14 महीने पहले शहर की हुजूर तहसील के क्षेत्र को तोड़कर छह नई तहसील बनाने का प्रस्ताव शासन स्तर पर लाया गया था। नोटिफिकेशन और दावे-आपत्तियों के बाद प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया, जहां से कलेक्टर को भोपाल में छह नई तहसील गठन पर खर्च और अमले की जानकारी मांगी गई थी। सोमवार को कलेक्टर निशांत वरवड़े ने प्रस्तावित अमला, खर्च और नई तहसीलों का ब्यौरा वित्त विभाग के प्रमुख सचिव को भेज दिया है। जवाब भेजने के साथ ही जिला स्तर पर तहसील गठन की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। कोलार, बैरागढ़, गोविंदपुरा, एमपी नगर, टीटी नगर तहसीलों के लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गई हैं।
50 करोड़ की आय बढ़कर होगी 150 करोड़
हुजूर तहसील में अभी 10 आरआई, 51 पटवारी, 14 लिपिक और 14 राजस्व अधिकारी हैं। प्रशासन ने छह नई तहसीलों के गठन के लिए 4 आरआई, 45 पटवारी, 17 लिपिक, 7 रीडर और 10 प्यून का स्टाफ मांगा है। वित्त विभाग को भेजे गए प्रस्ताव में बताया गया है कि राजस्व विभाग को वर्तमान में करीब पचास करोड़ की आय होती है, जबकि तहसील गठन से यह आय बढ़कर डेढ़ सौ करोड़ हो जाएगी।
लोक सेवा केंद्र भी बनेंगे
बैरसिया, बैरागढ़, गोविंदपुरा, शहर, एमपी नगर, टीटी नगर और हुजूर में लोक सेवा केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। इसमें बैरागढ़, शहर, हुजूर और बैरसिया में पहले से ही केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
गोविंदपुरा में भी नया केंद्र खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। अब एमपी नगर, टीटी नगर और बैरागढ़ क्षेत्र में अलग से तीन केंद्र खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
हर तहसील में 62 गांव होंगे शामिल
शहर की छह नई तहसीलों में हुजूर तहसील में आने वाले 310 गांवों को तोड़कर बनाया जाएगा। इसके लिए हर तहसील में 62 गांव जोड़े जाएंगे।
शहर के बाह री क्षेत्रों में रहने वालों को फायदा
नई तहसील के बनने से फंदा, अचारपुरा, लांबाखेड़ा सहित अन्य क्षेत्रों के लोगों को 10 किमी. दूर कलेक्टोरेट नहीं आना पड़ेगा।
दूर दराज के लोगों को होगी सहूलियत
– नई तहसीलाें के लिए वित्त विभाग को अमला, खर्च और राजस्व आय का प्रस्ताव भेज दिया गया है। नई तहसील मुख्यालयों के लिए जमीन भी चिन्हित कर ली गई है। – निशांत वरवड़े, कलेक्टर

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