बोतल पर झुकी सरकार, विरोध के बाद लिया फैसला वापस

भोपाल। राज्य सरकार ने 100 बोतल शराब घर में रखने के फैसले को चौतरफा विरोध होने पर दो दिन बाद ही रद्द कर दिया है। 3 फरवरी को जारी की गई नई आबकारी नीति में दस लाख रूपए आय वाले लोगों के लिए सरकार ने सौ बोतल शराब घर में रखने की अनुमति दी थी,जिसकी भारी आलोचना के बाद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इस प्रावधान को नई आबकारी नीति से हटाने का निर्देश दिया।

नवदुनिया द्वारा उठाए गए इस मुद्दे पर चौहान ने कहा कि घर में शराब रखने के लाइसेंस की यह प्रावधान जनभावनाओं के खिलाफ है इसलिए इसे खारिज कर दिया जाए। गौरतलब है कि राजनीतिक दलों के साथ ही सामाजिक संगठन द्वारा इसे संस्कृति के साथ खिलवाड़ करने वाला फैसला बताया था। गांधीवादी चिंतक सुब्बाराव ने भी कहा था कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की सरकार से उन्हें ऐसी अपेक्षा नहीं थी। दो मौजूदा मंत्रियों ने भी इसका खुलकर विरोध किया था।

मंत्रालय में शुक्रवार को वाणिज्यिक कर विभाग की समीक्षा बैठक की शुरूआत ही मुख्यमंत्री ने सौ बोतल शराब घर में रखने के मुद्दे पर चर्चा से की। चौहान ने कहा कि जनभावनाएं सरकार के इस फैसले के खिलाफ हैं। जब हमारे द्वारा पहले ही तय कर लिया गया है कि प्रदेश में कोई नई शराब दुकान या डिस्टलरी नहीं खोलेंगे, तो फिर ऐसा फैसला क्यों लें,जिससे लोगों को पीने का प्रोत्साहन मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसा कोई काम नहीं करना चाहती कि लोग नशे की ओर जाएं। समीक्षा बैठक में वाणिज्यिक कर मंत्री जयंत मलैया, प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव आयुक्त आबकारी राकेश श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

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