जाट आरक्षण : हरियाणा में हिंसा बेकाबू, 1 की मौत

पानीपत। गुजरात के बाद अब हरियाणा में आरक्षण मसले को लेकर भाजपा सरकार के समक्ष मुसीबतें खड़ी हो गई हैं। गुजरात में पाटीदार समुदाय ने दिक्कत पैदा की तो यहां जाट संगठनों ने फिर हिंसक आंदोलन की राह पकड़ ली है। आंदोलन छठें दिन शुक्रवार को बेकाबू हो गया। रोहतक में उत्पात मचा रहे आंदोलनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें एक की मौत हो गई।

अलग-अलग जगहों पर हई हिंसा में 21 लोग घायल हो गए। आरक्षण का शुरू से ही विरोध कर रहे भाजपा सांसद राजकुमार सैनी और वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के घर पर हमला हुआ। आईजी आवास व दफ्तर में तोड़फोड़ की गई। नौ जिलों में सेना बुला ली गई। रोहतक व भिवानी में कर्फ्यू लगा दिया गया। रेलमार्ग बंद होने से 300 से अधिक ट्रेनें रद कर दी गईं। इस बीच, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आंदोलन पर सरकार से जवाब-तलब किया है।

सर्वदलीय बैठक में शांति की अपील को दरकिनार कर जाट संगठनों ने पूरे प्रदेश को हलकान कर दिया। अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं पर रोक लगाने की तरकीब भी काम न आई। रोहतक में हालात पर काबू पाने के लिए प्रिंसिपल सेक्रेटरी एके सिंह व एडीशनल डीजी बीएस संधू भेजे गए हैं। गुरुवार को जाट संगठनों व गैर जाटों में हुई भिड़ंत और पुलिस कार्रवाई के कारण यह स्थिति सुबह से ही खराब रही।

रोहतक में लाठी-डंडों से लैस हजारों युवक आईजी आवास के के सामने जमा हो गए। भीड़ ने वहां तैनात पुलिसकर्मियों को धुन दिया। इस पर सुरक्षाबलों ने फायरिंग की जिसमें एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। इससे पहले वाहनों व मॉल में तोड़फोड़ कर रहे लोगों को नियंत्रित करने के लिए फोर्स ने आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन लोगों ने जवानों को दौड़ा लिया। दो पुलिसकर्मियों को घेरकर बुरी तरह धुन दिया। फोटो खींचने का प्रयास कर रहे एक फोटो जर्नलिस्ट को भी निशाना बनाया गया।

 

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