अब PPF के ब्याज पर लगेगा टैक्स, सरकार ने फैसला लिया वापस

नई दिल्ली। पीपीएफ निकालने वालों पर अब टैक्स नहीं लगेगा। सोमवार को बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि पीपीएफ निकासी पर भी टैक्स लगेगा, लेकिन अब सरकार ने अपनी फैसला वापस लेते हुए कहा है कि पीपीएफ निकासी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इन सबके बीच केंद्र सरकार के राजस्व सचिव हंसमुख अधिया ने इस पर सफाई दी है।

अधिया ने कहा कि 15,000 रुपए प्रति माह तक की तनख्वाह वाले कर्मचारियों को प्रस्तावित ईपीएफ कराधान के बाहर रखा जाएगा। एक अप्रैल 2016 के बाद ईपीएफ के 60 प्रतिशत योगदान पर मिलने वाले ब्याज पर ही कर लगेगा, मूल राशि पर कर छूट बरकरार रहेगी।

गौरतलब है कि इसमें 15 हजार रुपये सैलरी पाने वाले लोगों को छूट मिली है। आपको बता दें कि सरकार ने 40 फीसदी पीपीएफ निकालने वालों के ऊपर टैक्स का प्रावधान रखा था।

इससे पहले ईपीएफ को टैक्स मामले में ‘ईईई’ सुविधा प्राप्त थी। ‘ईईई’ का मतलब है कि ईपीएफ में पैसा निवेश करने, उस पर अर्जित ब्याज तथा पैसा निकालने पर तीनों ही अवसर पर टैक्स की छूट प्राप्त थी। हालांकि आम बजट के दस्तावेजों में कहा गया है कि विभिन्न प्रकार की पेंशन योजनाओं में समानता लाने के इरादे से एक अप्रैल 2016 या उसके बाद भविष्य निधि में योगदान करने वाले कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद अब अपनी निधि निकालेंगे तो उसके 40 प्रतिशत पर टैक्स नहीं लगेगा।

इसका मतलब है कि ईपीएफ की शेष 60 प्रतिशत राशि पर टैक्स लगेगा। हालांकि, जेटली ने आम बजट में एनपीएस को राहत दी है। जेटली ने पेंशनभोगी समाज की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कहा कि एनपीएस की 40 प्रतिशत धनराशि की निकासी को टैक्स से छूट देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल 2016 के बाद अंशदान से सृजित होने वाली निधि में से 40 प्रतिशत धनराशि की निकासी पर टैक्स नहीं लगेगा।

उल्लेखनीय है कि फिलहाल अगर कोई व्यक्ति एनपीएस से बाहर निकलता है तो धनराशि निकालने पर आयकर कानून की धारा 80सीसीडी के तहत कर देना पड़ता है। जेटली ने भविष्य निधि के ऐवज में नियोक्ता द्वारा सालाना 1.5 लाख रुपये के योगदान की सीमा कर लाभ के लिए तय करने की घोषणा भी की। साथ ही उन्होंने नेशनल पेंसन सिस्टम और ईपीएफओ की कर्मचारियों को सेवा को भी 14 प्रतिशत सेवा कर से छूट देने की घोषणा भी की। यह घोषणा अप्रैल 2016 से लागू होगी। आम बजट में ईपीएफ में जमा राशि पर टीडीएस की सीमा भी 30,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी है।

 

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