सर्राफा कारोबारियों के बंद का मिला-जुला असर

इंदौर। सर्राफा कारोबारियों के बुलाये एक दिवसीय बंद का मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में मिला-जुला असर देखा गया। चांदी के आभूषणों को छोड़कर अन्य जेवरात पर एक प्रतिशत उत्पाद शुल्क लगाने के बजट प्रस्ताव के विरोध में इस बंद का आह्वान किया गया था।सर्राफा बाजार और इसके नजदीकी पारंपरिक बाजारों-राजबाड़ा, बजाजखाना, कपड़ा मार्केट और खजूरी बाजार में व्यापारियों ने अपनी दुकानों और कारोबारी प्रतिष्ठानों को बंद रखा।

लेकिन शहर के अन्य प्रमुख वाणिज्यिक स्थानों पर रोजमर्रा की तरह कारोबारी गतिविधियां चलती रहीं। लोक परिवहन के साधनों पर बंद का असर न के बराबर दिखाई दिया। बंद के दौरान अलग-अलग स्थानों पर सर्राफा कारोबारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किए।

बाद में सर्राफा बाजार में आम सभा आयोजित की गई। इसमें सर्राफा कारोबारियों के साथ कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेता भी शामिल हुए। दोनों दलों के नेताओं ने सर्राफा कारोबारियों के बंद के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। इसके साथ ही, केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए

आभूषणों पर उत्पाद शुल्क लगाने का बजट प्रस्ताव फौरन वापस लेने की मांग की। देश भर में आभूषण निर्माता, सर्राफा कारोबारी तथा दस्तकार आभूषणों पर उत्पाद शुल्क लगाने की बजट की घोषणा और दो लाख रूपए से अधिक की खरीदारी पर पैन का उल्लेख अनिवार्य किए जाने के विरोध में दो मार्च से हड़ताल पर हैं।

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