पुराने प्लॉट पर बनी ताजगी से भरी फिल्म “दो लफ्जों की कहानी”

निर्देशक: दीपक तिजोरी
निर्माता: जयंतीलाल गडा
स्टार कास्ट: रणदीप हुड्डा अभिनीत, काजल अग्रवाल
‘सरबजीत’ में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने के बाद, रणदीप हुड्डा ने एक बार फिर एक भावुक रोमांटिक फिल्म ‘दो लफ्जों की कहानी’ के साथ बड़े पर्दे पर वापसी की है। फिल्म में रणदीप के अपोजिट काजल अग्रवाल एक अंधी लडक़ी के किरदार में नजर आएंगी।
कहानी
‘दो लफ्जों की कहानी’ सूरज (रणदीप हुड्डा) और जेनी (काजल अग्रवाल) की लव-स्टोरी है। मलेशिया का रहने वाला सूरज (रणदीप हुड्डा) दिन रात 3 शिफ्ट में काम करके गुजर बसर करता है, और उसे मलेशिया की रहने वाली ब्लाइंड लडक़ी जेनी से सूरज को प्यार हो जाता है। सूरज एक वक्त मशहूर एमएमए फाइटर हुआ करता था, जिसे पूरा मलेशिया स्टॉर्म के नाम से जानता था। लेकिन कुछ कारणों से वह फाइट छोड़ देता है। फिर कई सारी घटनाओं के बीच जेनी की खातिर वो एक बार फिर से एमएमए ज्वाइन करता है। आगे क्या होता हैं, जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।
अभिनय 
रणदीप हुड्डा ने एक प्रेमी के साथ-साथ रेसलर का भी किरदार बखूबी निभाया है। वहीं काजल अग्रवाल ने एक अंधी लडक़ी का किरदार निभाने में कोई भी कमी नहीं छोड़ी है।
निर्देशन
एक्टर से डायरेक्टर बने दीपक तिजोरी ने इस फिल्म को डायरेक्ट किया है। दीपक तिजोरी ने अच्छा डायरेक्शन किया है। मलेशिया की वादियों को कैमरे में बखूबी कैप्चर किया है। लेकिन एक वक्त के बाद फिल्म की रफ्तार भी बोर करने लगती है।

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