प्रमोशन में आरक्षण के लिए नियम बदल दूंगा: सीएम शिवराज चौहान

भोपाल। रविवार को भोपाल के टीटीनगर दशहरा मैदान पर आयोजित अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ के सम्मेलन को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संबोधित किया।

मुख्यमंत्री शिवराज ने ऐलान किया है कि प्रदेश में अनुसूचित जाति और जनजाति के कर्मचारियों को पदोन्नति में दिया जाने वाला आरक्षण जारी रहेगा। उन्होंने इस संबंध में नियमों में आवश्यक बदलाव के लिए केबिनेट की सब कमेटी बनाऐं जाने का भी ऐलान किया है।

मुख्यमंत्री यहीं नहीं रूके। उन्होंने आगे कहा कि आप तय कर लें कौन सा वकील करना है। प्रमोशन में आरक्षण भी जारी रहेगा।  इस कार्यक्रम में कांग्रेस,भाजपा,बसपा के सांसद और विधायक मौजूद थे। इनमें कांतिलाल भूरिया, फग्गनसिंह कुलस्ते, बाला बच्चन, उषा चौधरी, शीला त्यागी, रंजना बघेल समेत कई नेता शामिल हैं।

अजाक्स के पूर्व अध्यक्ष और रिटायर आईएएस डॉ अमर सिंह, अजाक्स के अध्यक्ष और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव जेएन कंसोटिया मौजूद थे। सम्मेलन में प्रदेश के कई जिलों से सैकड़ों की तादाद में आए अधिकारी कर्मचारी और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए।

बयान मर्यादा के खिलाफ
मुख्यमंत्री की घोषणा मर्यादा के खिलाफ है। मान्य परंपराएं हैं कि जो मामले कोर्ट में विचाराधीन होते हैं उन पर कमेंट नहीं करते। सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई है। वहां से यथास्थिति बनाए रखने को कहा गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री की घोषणा डेकोरम के खिलाफ है। – अजय मिश्रा, पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता, मध्यप्रदेश
हमने बनाए थे नियम, सीएम ने तुड़वा दिए
पदोन्नति के मामले में सरकार ने हाईकोर्ट में ठीक से पक्ष नहीं रखा। इसके कारण हाईकोर्ट ने नियम को रद्द कर दिया। सरकार ईमानदारी से काम करती तो ये नौबत न आती। हम आरक्षण के पक्षधर हैं। दिग्विजय सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण को लेकर नियम बनाए थे। – अरुण यादव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षभोपाल। रविवार को भोपाल के टीटीनगर दशहरा मैदान पर आयोजित अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ के सम्मेलन को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संबोधित किया।

मुख्यमंत्री शिवराज ने ऐलान किया है कि प्रदेश में अनुसूचित जाति और जनजाति के कर्मचारियों को पदोन्नति में दिया जाने वाला आरक्षण जारी रहेगा। उन्होंने इस संबंध में नियमों में आवश्यक बदलाव के लिए केबिनेट की सब कमेटी बनाऐं जाने का भी ऐलान किया है।

मुख्यमंत्री यहीं नहीं रूके। उन्होंने आगे कहा कि आप तय कर लें कौन सा वकील करना है। प्रमोशन में आरक्षण भी जारी रहेगा।  इस कार्यक्रम में कांग्रेस,भाजपा,बसपा के सांसद और विधायक मौजूद थे। इनमें कांतिलाल भूरिया, फग्गनसिंह कुलस्ते, बाला बच्चन, उषा चौधरी, शीला त्यागी, रंजना बघेल समेत कई नेता शामिल हैं।

अजाक्स के पूर्व अध्यक्ष और रिटायर आईएएस डॉ अमर सिंह, अजाक्स के अध्यक्ष और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव जेएन कंसोटिया मौजूद थे। सम्मेलन में प्रदेश के कई जिलों से सैकड़ों की तादाद में आए अधिकारी कर्मचारी और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए।

बयान मर्यादा के खिलाफ
मुख्यमंत्री की घोषणा मर्यादा के खिलाफ है। मान्य परंपराएं हैं कि जो मामले कोर्ट में विचाराधीन होते हैं उन पर कमेंट नहीं करते। सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई है। वहां से यथास्थिति बनाए रखने को कहा गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री की घोषणा डेकोरम के खिलाफ है। – अजय मिश्रा, पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता, मध्यप्रदेश
हमने बनाए थे नियम, सीएम ने तुड़वा दिए
पदोन्नति के मामले में सरकार ने हाईकोर्ट में ठीक से पक्ष नहीं रखा। इसके कारण हाईकोर्ट ने नियम को रद्द कर दिया। सरकार ईमानदारी से काम करती तो ये नौबत न आती। हम आरक्षण के पक्षधर हैं। दिग्विजय सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण को लेकर नियम बनाए थे। – अरुण यादव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षभोपाल। रविवार को भोपाल के टीटीनगर दशहरा मैदान पर आयोजित अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ के सम्मेलन को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संबोधित किया।

मुख्यमंत्री शिवराज ने ऐलान किया है कि प्रदेश में अनुसूचित जाति और जनजाति के कर्मचारियों को पदोन्नति में दिया जाने वाला आरक्षण जारी रहेगा। उन्होंने इस संबंध में नियमों में आवश्यक बदलाव के लिए केबिनेट की सब कमेटी बनाऐं जाने का भी ऐलान किया है।

मुख्यमंत्री यहीं नहीं रूके। उन्होंने आगे कहा कि आप तय कर लें कौन सा वकील करना है। प्रमोशन में आरक्षण भी जारी रहेगा।  इस कार्यक्रम में कांग्रेस,भाजपा,बसपा के सांसद और विधायक मौजूद थे। इनमें कांतिलाल भूरिया, फग्गनसिंह कुलस्ते, बाला बच्चन, उषा चौधरी, शीला त्यागी, रंजना बघेल समेत कई नेता शामिल हैं।

अजाक्स के पूर्व अध्यक्ष और रिटायर आईएएस डॉ अमर सिंह, अजाक्स के अध्यक्ष और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव जेएन कंसोटिया मौजूद थे। सम्मेलन में प्रदेश के कई जिलों से सैकड़ों की तादाद में आए अधिकारी कर्मचारी और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए।

बयान मर्यादा के खिलाफ
मुख्यमंत्री की घोषणा मर्यादा के खिलाफ है। मान्य परंपराएं हैं कि जो मामले कोर्ट में विचाराधीन होते हैं उन पर कमेंट नहीं करते। सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई है। वहां से यथास्थिति बनाए रखने को कहा गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री की घोषणा डेकोरम के खिलाफ है। – अजय मिश्रा, पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता, मध्यप्रदेश
हमने बनाए थे नियम, सीएम ने तुड़वा दिए
पदोन्नति के मामले में सरकार ने हाईकोर्ट में ठीक से पक्ष नहीं रखा। इसके कारण हाईकोर्ट ने नियम को रद्द कर दिया। सरकार ईमानदारी से काम करती तो ये नौबत न आती। हम आरक्षण के पक्षधर हैं। दिग्विजय सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण को लेकर नियम बनाए थे। – अरुण यादव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष

Random Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*