कारगिल विजय दिवस: रक्षामंत्री ने दी श्रद्धांजलि, PM ने किया सलाम

नई दिल्ली। आज पूरा देश कारगिल विजय दिवस मना रहा है। आज ही के दिन हमारे जाबांज सैनिकों ने कारगिल पर पाकिस्तान के नापाक इरादों को धुल चटाते हुए टाइगर हिल पर तिरंगा फहराया था। 1971 के युद्ध के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हुए इस सबसे भीषण सैन्य संघर्ष के आज 17 साल पूरे हो रहे हैं। रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने अमर जवान ज्योति पहुंचकर वीर शहीदों को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने भी ट्वीट कर सैनिकों को सलाम किया है।
कई भारतीय जवान हुए थे शहीद 
पाकिस्तान के खिलाफ यह पूरा युद्ध ही था जिसमें 527 भारतीय जवान शहीद हुए थे और 1300 से अधिक घायल हुए थे। इन वीर और जाबांज जवानों को पूरा देश आज के दिन याद करता है और श्रद्धापूर्वक नमन करता है। कारगिल युद्ध में अपनी वीरता का जौहर दिखाने वाले एक जाबांज सैनिक पर बॉलीवुड में भी बहुत सी फिल्में बन चुकी हैं।
देश के कई स्‍थानों पर कार्यक्रम 
वीर सपूतों के जाबांजी को सलाम करने के लिए देश भर में आज विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। देश के लिए कुर्बान होने वाले सैनिकों की याद में जंतर-मंतर पर शहीद स्मृति यज्ञ का आयोजन किया गया है।
पीएम ने किया वीर सैनिकों को सलाम  
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीर सपूतों को याद करते हुए कहा- मैं हर उस वीर सैनिक को झुककर सलाम करता हूं जिन्होंने अपने अंतिम सांस तक भारत के लिए लड़ाई लड़ी, उनका वीरता से भरा बलिदान हमें प्रेरणा देता रहेगा।
रक्षामंत्री ने दी श्रद्धांजलि 
रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने अमर जवान ज्योति पहुंचकर वीर शहीदों को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर आर्मी चीफ जनरल दलबीर सिंह और एयर चीफ मार्शल अरुप राहा ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी। शाम को सिटीजन फॉर फोर्स संगठन द्वारा जंतर-मंतर से इंडिया गेट तक कैंडल मार्च का आयोजन किया जाएगा।
हम अपना काम ठीक से कर रहे हैं
लापता AN-32 विमान के बारे में रक्षामंत्री ने कहा कि हमने सभी संसाधनों को काम पर लगाया है और विमान का पता लगाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। रक्षामंत्री ने घुसपैठ पर कहा कि जहां तक हमारा संबंध है, हमनें सीमाओं को सील कर रखा है और यह सुनिश्चित किया है कि कोई घुसपैठ के प्रयास सफल ना हों। हम अपना काम ठीक से कर रहे हैं, मुझे नहीं लगता कि इन दिनों ज्यादा मुठभेड़ देखने को मिल रहा है।
चार वीर जवान परमवीर चक्र से सम्मानित
इस युद्ध के बाद चार शुरवीरों को भारत का सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। जिसमें लेफ्टीनेंट मनोज कुमार पांडे (प्रथम बटालियन, ग्यारहवीं गोरखा राइफल्स, मरणोपरांत), ग्रेनेडियर योगेन्द्र सिंह यादव (अठारहवीं बटालियन, द ग्रेनेडियर्स), राइफलमैन संजय कुमार (तेरहवीं बटालियन, जम्मू कश्मीर राइफल्स) और कैप्टन विक्रम बत्रा (तेरहवीं बटालियन, जम्मू कश्मीर राइफल्स, मरणोपरांत) शामिल हैं।
दो महीने तक चला था युद्ध
कारगिल युद्ध भारत और पाकिस्तान के बीच मई और जुलाई 1999 के बीच कश्मीर के करगिल जिले में हुए सशस्त्र संघर्ष का नाम है। दो महीने से भी अधिक समय तक चले इस युद्ध में भारतीय थलसेना व वायुसेना ने ‘लाइन ऑफ कंट्रोल’ पार न करने के आदेश के बावजूद अपनी मातृभूमि में घुसे पाकिस्तान की सेना और कश्मीरी उग्रवादियों को मार भगाया था।
क्या कहते हैं आंकड़ें
इस युद्ध में भारतीय आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 527 जवान शहीद हुए, जबकि 1363 जवान घायल हुए थे। एक जवान युद्धबंदी के शिकार हुए। एक लड़ाकू विमान और एक हेलीकाॅप्टर को भी मार गिराया गया था। वहीं, पाकिस्तानी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, उनके 357-453 सैनिक मारे गए, जबकि 665 से अधिक घायल हुए थे। आठ सैनिक युद्धबंदी के शिकार हुए।

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