G-20 में 14 साल बाद पहली कतार में आया भारत- चीन ने माना मोदी का लोहा

हांगझोउ। जी-20 समिट के ग्रुप फोटो में दुनियाभर को भारत की ताकत नजर आईं। इस तस्वीर में हर नेता को उसकी ताकत के हिसाब से जगह दी गई थी। कम से कम, चीन जैसा सोचता है उसकी झलक तो इसमें दिखाई दी है। इस तस्वीर में हांगझोउ में 11वें जी-20 समिट के दौरान एकत्र हुए 21 देशों के प्रमुखों की तस्वीर है।
चीन ने भी माना मोदी का लोहा
फोटो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस जगह पर खड़े हैं, उससे पता चलता है की चीन की नजर में वे कितने अहम और ताकतवर हैं। बीजिंग की रेनमिन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर वांग ने दुनिया के 36 शक्तिशाली नेताओं की इस ग्रुप फोटो का विश्‍लेषण किया है। इसमें 21 देशों के राष्‍ट्रध्‍यक्ष, 8 गेस्‍ट देशों के प्रमुख और 7 अंतराष्‍ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि हैं।
14 साल बाद भारत पहली कतार में आया भारत
वांग के अनुसार चीन ने हर नेता को उसके महत्‍व के हिसाब से जगह दी है। पहली लाइन में प्रधानमंत्री खड़े नजर आ रहे हैं। ऐसे में यह उनके रूतबे और ताकत को दिखाता है। 2002 के बाद पहली बार भारत को पहली कतार में जगह मिली है।
बहुत अहम है मोदी का पहली लाइन में खड़े रहना 
वांग का कहना है की नियम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी को सामने से दूसरी लाइन में होना चाहिए था, लेकिन वह पहली लाइन में खड़े हैं। वांग ने कहा की नियम यह है की पहली लाइन में राष्‍ट्रपति और राजा खड़े होते हैं, उसके पीछे प्रधानमंत्री और चांसलर खड़े होते हैं और सबसे पीछे की लाइन में अंतराष्‍ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि खड़े होते हैं। लेकिन इस फोटो में मोदी को 13 देशों के नेताओं के साथ पहली लाइन में रखा गया है जो बहुत अहम है।
पहली लाइन में खड़े थे 13 नेता
पहली लाइन में मोदी के साथ 13 नेता थे। इसमें 11 राष्‍ट्र प्रमुख भी थे। अगले मेजबान जर्मनी की चांसलर मर्केल और पीछले मेजबान देश तुर्की के राष्‍ट्रपति भी इसी लाइन में नजर आ रहे हैं। वांग के अनुसार, चीन पहली लाइन में मोदी को रखकर यह जताना चाहता है की भारत को अब व‍ह उभरती ताकत के रूप में स्‍वीकार करता है और जी-20 देशों के इस समूह में उसकी भूमिका को अहम मानता है।

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