जानिए क्यों, कहां और कितना जरूरी है आपका पैन कार्ड

पैन कार्ड आज के समय में हर छोटे-मोटे वित्तीय काम में जरूरी है। अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है तो आपके कई काम रूक सकते हैं। हाल ही में सरकार ने आईटी रिटर्न भरने के लिए 1 जुलाई से आधार कार्ड जरूरी कर दिया है लेकिन अभी भी पैन कार्ड की महत्ता कम नहीं हुई है। ये कई वित्तीय समस्याओं को सुलझाने की चाबी है।

आज के कैशलेस समय में डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड हर किसी के काम आ रहे हैं। पर सिर्फ ये ही कार्ड नहीं है जो आपके बटुए में होने चाहिए। परमानेंट अकाउंट नंबर मतलब पैन कार्ड भी इतना ही जरूरी कार्ड है। खासकर नोटबंदी के बाद से इसकी जरूरत बढ़ गई है। इस कार्ड के कई उपयोग हैं।

टैक्स छूट

पैन कार्ड का मुख्य मकसद टैक्स से जुड़ा हुआ है। अगर आप अपने सेविंग बैंक अकाउंट में पैन नंबर नहीं बताते हैं तो आपको टीडीएस देना होगा। इसमें अधिकतम लिमिट का टैक्स लगता है। अगर आपका साल भर का ब्याज 10 हजार से ज्यादा है तो बैंक आपका टीडीएस 30 फीसदी काट सकती है।

एचआरए

जो लोग सालाना किराया 1 लाख से ज्यादा भरते हैं तो उनके मकान मालिक का पैन नंबर जरूरी होता है। इसको एचआर टैक्स का फायदा लेते समय भरना जरूरी है। अगर आप मकान मालिक हैं तो आपका पैन कार्ड बहुत जरूरी है।

कारोबार

अगर आप कोई कारोबार शुरू कर रहे हैं तो आपके लिए पैन नंबर जरूरी है। अगर आपकी सालाना बिक्री 5 लाख से ज्यादा है तो आपको पैन कार्ड की जरूरत पड़ेगी। इसलिए अगर आप कारोबार शुरू करने जा रहे हैं तो पैन कार्ड के लिए जरूर अर्जी दे दें।

आईटी विभाग से रिफंड

अगर आपने एक बार आना आयकर भर दिया है तो आपको रिटर्न भरना होगा। अगर आप रिफंड के पात्र हैं तो आपको पैन कार्ड नंबर देना जरूरी होगा।

कार खरीदना

अगर आप कार खरीदने जा रहे हैं और आपके पास पैन कार्ड नहीं है तो पहले इसका इंतजाम कर लें। आपके लिए सिर्फ कार का लोन ही काफी नहीं है। कार की खरीद के समय आपको पैन कार्ड देना होगा। ये नियम टू-व्हीलर की खरीद पर लागू नहीं होता है।

बैंक अकाउंट

अगर आप बैंक अकाउंट खोलने जा रहे हैं तो इसके लिए भी पैन कार्ड जरूरी है। बिना पैन कार्ड के मैनेजर आपको घर लौटा देगा। आईटी विभाग की वेबसाइट के मुताबिक बैंक अकाउंट खोलने के लिए पैन नंबर जरूरी है।

निवेश

अगर आप म्युचुअल फंड, बॉन्ड और डिबेंचर में निवेश करते हैं तो इसके लिए पैन कार्ड जरूरी है। इसमें केवाईसी के दस्तावेज देते समय आपका पैन कार्ड काम आ सकता है। इसको आप आईडी प्रूफ के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट

अगर आप 50 हजार से ऊपर का एफडी अकाउंट खोल रहे हैं तो आपको पैन नंबर देना होगा। अगर आपका साल भर में डिपॉजिट 5 लाख से ज्यादा होता है तो आपको बैंक या पोस्ट ऑफिस में जहां आपका अकाउंट है वहां पैन कार्ड नंबर बताना होगा।

होटल या रेस्टोरेंट का बिल

अगर आप एक सिटिंग में नकद में होटल या रेस्टोरेंट के बिल के तौर पर 50 हजार रुपए का भुगतान कर रहे हैं तो नियम 114 बी के मुताबिक पैन कार्ड जरूरी है।

विदेशी करेंसी खरीदना

आयकर विभाग के नियमों के मुताबिक अगर आप विदेश जा रहे हैं और आपको भारतीय रुपए को किसी विदेशी करेंसी में बदलना है तो इसके लिए पैन कार्ड जरूरी होगा। अगर आप 50 हजार से ज्यादा रकम विदेशी मुद्रा में बदलते हैं तो पैन कार्ड नंबर देना होगा।

डीमैट अकाउंट

अगर आप शेयरों में निवेश की योजना बना रहे हैं तो डीमैट अकाउंट खुलवाने के लिए पैन कार्ड जरूरी है। इसी तरह रिजर्व बैंक के बॉन्ड में 50 हजार से ज्यादा निवेश करने पर भी पैन कार्ड दिखाना होगा।

सिक्योरिटीज का ट्रांजेक्शन

नियम 114 बी के तहत शेयर के अलावा किसी और सिक्योरिटी जैसे बॉन्ड, डिबेंचर्स या कोई दूसरी बाजार की सिक्योरिटी में 1 लाख से ज्यादा लेन देन करने पर पैन कार्ड देना होगा।

बैंक ड्राफ्ट, पे ऑर्डर या बैंकर्स चेक

अगर आप बैंक ड्राफ्ट, पे ऑर्डर या बैंकर्स चेक के जरिए 50 हजार से ज्यादा का पेमेंट कर रहे हैं तो आपको पैन कार्ड नंबर लिखना होगा।

प्रीमियम और डिपॉजिट

अगर आप सेक्शन 80 सी के तहत इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम या लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम 50 हजार से ज्यादा भर रहे हैं तो आपको पैन कार्ड नंबर देना होगा। इसी तरह बैंक अकाउंट में 50 हजार से ज्यादा कैश डिपॉजिट पर भी आपको पैन नंबर दिखाना होगा।

बिना लिस्ट हुए शेयर में ट्रांजेक्शन

कोई भी कंपनी जिसके शेयर लिस्ट नहीं हुए हैं अगर उसके शेयर 1 लाख रुपए से ज्यादा खरीदे या बेचे जाते हैं तो पैन नंबर अनिवार्य है।

प्रॉपर्टी की बिक्री

अगर आप कोई मकान या प्लॉट खरीदने की सोंच रहे और उसकी कीमत 10 लाख से ज्यादा है तो आपको पैन कार्ड देना होगा।

सामान की खरीद-बिक्री

हाल ही में सरकार ने 2 लाख से ज्यादा नकदी के लेन देन पर पेनल्टी लगाने का फैसला किया है। अगर कोई 2 लाख से ज्यादा का सामान या सेवा खरीदता है तो ऐसे ट्रांजेक्शन में पैन कार्ड दिखाना जरूरी है।

पैन कार्ड बहुत जरूरी दस्तावेज हो गया है। अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है और कोई बहुत जरूरी ट्रांजेक्शन करना हो तो आप फॉर्म 60 के भरकर ट्रांजेक्शन कर सकते हैं।

सेक्शन 272 बी के तहत पैन कार्ड के नियमों को नहीं मानने पर पेनल्टी का भी प्रावधान है। इसके तहत 10 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

ऐसे बनवाएं पैन कार्ड

आप आसानी से ऑनलाइन या ऑफलाइन पैन कार्ड बनवा सकते हैं। इसके लिए आपको फॉर्म 49 ए भरना होगा। भारत में पैन कार्ड बनवाने के लिए आपको सरकार को 107 रुपए फीस देनी होगी। इसके लिए आपको आईडी और एड्रेस प्रूफ देना होगा। साथ ही अपनी जन्म तिथी का दस्तावेज भी देना होगा। एक व्यक्ति केवल 1 ही पैन कार्ड बनवा सकता है। एक से ज्यादा पैन कार्ड बनवाने पर 10 हजार रुपए की पेनल्टी है।

आप एनएसडीएल की वेबसाइट www.tin-nsdl.com पर ऑनलाइन पैन कार्ड बनवाने के लिए अर्जी दे सकते हैं। इसके अलावा एनएसडीएल के टीआईएन के सर्विस सेंटर पर भी पैन कार्ड बनवाया जा सकता है। अगर आपने ऑनलाइन पैन कार्ड बनवाने की अर्जी दी है तो आपको 2 फोटो, एकनॉलेजमेंट रसीद हस्ताक्षर कर आयकर विभाग पैन सर्विस यूनिट,पुणे को भेजना होगा। अपने फॉर्म में अपना ईमेल आईडी और फोन नंबर जरूर लिखें। अगर आपके दस्तावेजों में कोई गड़बड़ी हुई तो आयकर विभाग आपसे आसानी से संपर्क कर सकेगा।

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