इतिहास के साथ छेड़छाड़ की इजाजत मनोरंजन जगत को नहीं : साध्वी ऋतंभरा

 

खरगोन। फिल्म पद्मावती हो या कोई और, भारतीय इतिहास के साथ छेड़छाड़ की इजाजत मनोरंजन जगत को नहीं दी जा सकती। हिंदुत्व की आलस्यता और सहजता का यह दुरुपयोग है। जिसने ज्वालाओं का स्नान किया हो वह आस्थाओं और बहादुरी का प्रतीक है। फिल्म बनाना है तो बेबी जैसी बनाएं।

यह बात साध्वी ऋतंभरा ने रविवार को मीडिया से चर्चा में कही। उन्होंने कई मुद्दों पर बेबाक टिप्पणी की। श्रीश्री रविशंकर के राम मंदिर निर्माण में समन्वय और मोहन भागवत की टिप्पणी को लेकर कहा कि मंदिर निर्माण के लिए हिंदू समाज ने धैर्य से इंतजार किया है। इसमें हर व्यक्ति सहयोग दे सकता है। हालांकि उन्होंने भागवत की टिप्पणी पर अनभिज्ञता जाहिर की।

अयोध्य में राम मंदिर

कारसेवकों का सरयू नदी में बहाया रक्त व्यर्थ नहीं जाएगा। शिलाएं पत्थर नहीं बल्कि आस्थाओं के फूल हैं जिनसे मंदिर बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व योगी आदित्य के कार्यकाल में ये अपेक्षाएं प्रबल हुई हैं। यह साधु-संतों सहित हर हिंदू का सपना है। साध्वी ने कहा कि यह कोर्ट का मामला हो ही नहीं सकता। इसके बावजूद हम संविधान में विश्वास करते हैं। भव्य मंदिर वहीं बनेगा। बहुत बड़ा मुस्लिम समाज भी मंदिर निर्माण के पक्ष में है। ऋतंभरा ने कहा कि सवाल श्रीराम में आस्थाओं का है जबकि हमारे कई मंदिर ध्वस्त कर खिलवाड़ किया।

पर्यावरण और नदी संरक्षण

देश की हर नदी गंगा की तरह है। यमुना की अंजुरी भर जल लेने पर हाथों में कीड़े आ आते हैं। फिलहाल सरकार यदि गंगा व नर्मदा के पर्यावरण रक्षा के प्रयास कर भी रही है तो उनके संकल्प सकारात्मक हैं। नर्मदा किनारे यदि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान पौधारोपण करते हैं तो नर्मदा को नया पर्यावरणीय संरक्षण मिलेगा। साध्वी ने कहा कि शराब फैक्टरियों व नालों का पानी यदि मिलता है तो वर्तमान में ये विनाशित व्यवस्थाएं हैं। राजनीतिक परिक्रमा पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।

टेक्नीकल क्षेत्र में बनाना होगा शिष्य

भारत सनातनकाल से विश्वगुरु है, परंतु टेक्नीकल मामले में भारत को अभी अन्य देशों का शिष्य बनना होगा। उन्होंने दुष्कर्म की घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि वे पिछले 25 वर्षों से जो सपना देख रही हैं, उसे पूरा करने में जुटी हैं। विश्व में पहला सर्वमंगलापीठम् स्थापित होगा जिसमें चारों काल में महिलाओं के महत्व की अनुभूति होगी। उन्होंने वात्सल्य आश्रम की परिकल्पना को भी बताया।

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