जनवरी में PM नेतन्याहू के साथ भारत आ सकता है बालक moshe

येरुशलम। नौ साल पहले 26/11 को मुंबई पर हुए लश्कर आतंकियों के हमले में बाल-बाल बचे दो साल के मोशे होलत्जबर्ग ने इसी हफ्ते अपना 11वां जन्मदिन मनाया है।

मोशे इस आतंकी हमले में अपने माता-पिता रिविका होलत्जबर्ग और रब्बी गैव्र्रियल को हमेशा के लिए खो चुका है। खुद उसकी जान उसकी बहादुर भारतीय नैनी सांड्रा सैम्युअल के कारण बची।

मोशे के अपने दादा-दादी समेत 14 जनवरी को इजरायली राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू के साथ चार दिवसीय भारत यात्रा पर आने की संभावना है।

मोशे के दादा रोजेनबर्ग ने रविवार को मुंबई में पाकिस्तानी आतंकियों के हाथों किए गए उस नरसंहार को याद करते हुए बताया कि यह वह हफ्ता है जब हम खुद में ही सिमटे रहना चाहते हैं।

रविवार को हमने माउंट ओलिव्स की सीमेट्री में प्रार्थना की। चूंकि 26/11 की बरसी को नौ साल पूरे हो गए हैं। अफूला में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

रोजेनबर्ग और उनकी पत्नी येहुदित ने आतंकी हमले के बाद अपने दम पर मोशे की परवरिश की है। उन्होंने बताया कि उनका परिवार 11 साल के हो चुके मोशे के ‘बार मित्जवाह’ को मनाने के लिए मुंबई आना चाहता है।

यहूदी लड़कों के 13 साल के होने पर इस रस्म को पूरा किया जाता है। कुछ इजरायली विद्वान बार मित्जवाह को हिंदुओं के उपनयन संस्कार की तरह ही मानते हैं।

उन्होंने बताया कि मुंबई जाने के संबंध में उन्हें इजरायली प्रधानमंत्री की ओर से संदेश मिला है। अभी उसकी पुष्टि होनी बाकी है।

मोशे के दादा रोजेनबर्ग ने कहा कि इस हफ्ते मोशे 11 साल का हुआ है और हमलोग मुंबई में उसका बार मित्जवाह करने की योजना बना रहे थे।

हम चाहते हैं कि वह देखे कि उसके माता-पिता कहां रहते थे और काम करते थे। उसे मुंबई से बड़ा लगाव है।

उल्लेखनीय है कि इसी साल अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार इजरायल दौरे पर गए थे और मोशे और उसके परिजनों से मुलाकात की थी।

इस भावनात्मक मुलाकात में उन्होंने मोशे और उसके परिजनों को दस साल का मल्टीपिल ट्रैवल वीजा दिया था ताकि वह जब और जितना चाहे भारत आ सके।

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