रविवार तक हो सकती है हिमाचल प्रदेश के नए CM की घोषणा

नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश में भाजपा के मुख्यमंत्री उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल की हार के कारण छाए असमंजस पर रविवार तक फैसला हो सकता है।

कोशिश यह है कि केंद्रीय पर्यवेक्षकों प्रदेश में जाकर विधायकों से चर्चा करें उससे पहले विभिन्न धड़ों के बीच एक राय बन जाए। लिहाजा पर्दे के पीछे छोटे गुटों और व्यक्तिगत वार्ता का दौर जारी है।

बताते हैं कि प्रदेश के वरिष्ठ नेता शांता कुमार, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और अन्य सांसदों ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की।

हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री के चुनाव के पहले केंद्रीय नेतृत्व सावधानी के साथ आगे बढ़ रहा है। दरअसल नेतृत्व चाहता है कि ऐसा चेहरा सामने रखा जाए जो पूरी पार्टी और पूरे प्रदेश को साथ लेकर चल सके।

इसी कारण सभी गुटों के साथ विचार विमर्श कर एक राय मनाने की कोशिश की जा रही है। यही कारण है कि पार्टी के संसदीय बोर्ड की ओर नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक निर्मला सीतारमण और नरेंद्र तोमर के शिमला दौरे में देरी हो रही है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पद के घोषित उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल के चुनाव हार जाने के बाद पांचवीं बार विधायक बने जयराम ठाकुर दौर में सबसे आगे चल रहे हैं।

लेकिन प्रेम कुमार धूमल ने अभी तक उम्मीद नहीं छोड़ी है। वे अब भी मैदान में बने दिखने की कोशिश कर रहे हैं।

सूत्रों की मानी जाए तो केंद्रीय नेतृत्व में भी एक ऐसा धड़ा है जिसका मानना है कि चुनावी हार के बाद मुख्यमंत्री बनाना नैतिक रूप से भी सही नहीं होगा और मनोबल के साथ काम करना भी मुश्किल होगा।

लेकिन कुछ लोगों को मानना है कि हार उक्त सीट के समीकरण के कारण हुई है। उन्हें लंबा वक्त भी नहीं मिला। लिहाजा उन्हें मौका दिया जाना चाहिए।

वहीं प्रेम कुमार धूमल के नाम की घोषणा के पहले तक मुख्यमंत्री पद की दौर में आगे रहने वाले जेपी नड्डा की दावेदारी को भी नकारा नहीं जा सकता है।

ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व पर्यवेक्षकों के साथ विधायकों की सीधी मुलाकात के पहले सभी धड़ों के बीच एक राय बना लेना चाहता है। ताकि नई सरकार में पूरी राज्य भाजपा एकजुट दिखे।

फैसला नेतृत्व को करना है

मीडिया से बातचीत में शांता कुमार ने यूं तो सबकुछ आलाकमान पर छोड़ दिया है, लेकिन परोक्ष रूप से इसका इजहार करने में नहीं चूके कि नजरें उन लोगों पर रखनी चाहिए जो अब तक पीछे रहे हैं पर काबिल हैं।

एक सवाल के जवाब में कहा कि मुख्यमंत्री विधायक से चुने जाएं या केंद्र से भेजे जाएं इसका फैसला भी नेतृत्व को करना है। पार्टी के अंदर ऐसे लोग भरे हैं जो राज्य को चला सकते हैं।

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