गुजरात के बाद MP में भी कांग्रेस को हल्का नहीं मान रहा भाजपा हाईकमान

भोपाल । गुजरात चुनाव से सबक लेकर ही भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश में अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देगी । पार्टी हाईकमान का मानना है कि गुजरात में कांग्रेस पिछले 22 सालों से वनवास पर है, वहीं पार्टी के पास अब कोई बड़ा नेता तक नहीं बचा है । संगठन नाम की चीज नहीं थी गुजरात कांग्रेस के पास। फिर भी ऐसे बदतर हालात में कांग्रेस ने भाजपा को कड़ी टक्कर देकर 80 के आंकड़े तक पहुंच गई। यानी बहुमत के नजदीक ही। ये सब तब हुआ जब भाजपा ने अपनी पूरी ताकत गुजरात में झोंक दी ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न जाने कितनी रैलियां की, कितने रोड शो किए। इसके बावजूद पार्टी जैसे-तैसे अपनी लाज बचा पाई। इन सब हालातों से सबक लेकर ही अब भाजपा मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में चुनाव लड़ेगी । खासतौर से मप्र, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे राज्य को पार्टी आसान नहीं मान रही है। भाजपा हाईकमान का मानना है कि इस सभी राज्यों में कांग्रेस के पास संगठन है। कई चेहरे हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना ठीक नहीं होगा। उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो इन राज्यों की चुनावी रणनीति पर पार्टी ने काम करना शुरू कर दिया है।

दिग्विजय और कमलनाथ, सिंधिया को हल्का नहीं आंक रही भाजपा

कांग्रेस मध्यप्रदेश में चेहरा सामने रखकर चुनाव लड़ेगी या सामूहिक नेतृत्व के साथ मैदान में उतरेगी, यह अभी तय नहीं है। फिर भी भाजपा हाईकमान इन नेताओं को कमजोर नहीं आंक रही है। पार्टी के नेता पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की नर्मदा यात्रा पर पैनी नजर रखे हुए हैं। दिग्गज नेताओं की मानें तो दिग्विजय सहित कमलनाथ और सिंधिया 2018 में होने वाले चुनाव में करो या मरो की तर्ज पर पूरी ताकत झोंक देंगे। ऐसे हालात में भाजपा के लिए गुजरात से कठिन परिस्थितियां मप्र सहित छग और राजस्थान में बन सकती हैं। इस स्थिति से बचने के लिए भाजपा आलाकमान निरंतर प्रदेश की रिपोर्ट लेकर नब्ज टटोल रहा है।

कांग्रेस नेताओं की जमीनी हकीकत का भी अध्ययन करवा रही भाजपा

कांग्रेस के नेताओं की जमीनी हकीकत का भी भाजपा जायजा ले रही है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव से लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, सांसद कांतिलाल भूरिया, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सहित दिग्गज नेता कमलनाथ, दिग्विजय और सिंधिया के प्रभावक्षेत्र का भी भाजपा अध्ययन करवा रही है। पार्टी ये जानना चाहती है कि यदि गुटबाजी छोड़कर कांग्रेस नेता एकजुटता के साथ चुनाव लड़े तो कैसे हालात बन सकते हैं।

किसका कहा-कहां है प्रभाव

नेता प्रभाव क्षेत्र

दिग्विजय सिंह मध्यभारत सहित राजपूतों में खासा प्रभाव

कमलनाथ छिंदवाड़ा सहित महाकौशल

ज्योतिरादित्य सिंधिया चंबल-ग्वालियर से मालवा तक

कांतिलाल भरिया निमाड़ सहित आदिवासियों में पैठ

अरुण यादव निमाड़ सहित यादव-पिछड़े वर्ग में दखल

सुरेश पचौरी नर्मदांचल सहित ब्राह्मण वर्ग

इनका कहना है

भारतीय जनता पार्टी किसी भी चुनाव को हल्के में नहीं लेती है। चाहे सामने प्रतिद्वंदी कैसा भी हो। हमने विधानसभा, लोकसभा, नगरीय निकाय और सभी उपचुनाव बहुत गंभीरता के साथ लड़े हैं इसलिए पिछले 14 सालों से भाजपा चुनाव जीत रही है। आगे भी हम पूरी गंभीरता के साथ चुनाव लड़ेंगे।

विष्णुदत्त शर्मा, महामंत्री, प्रदेश भाजपा

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