केजरीवाल का रीट्वीट- पद का लालच है तो छोड़ दें पार्टी

नई दिल्ली । आम आदमी पार्टी (आप) में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुमार विश्वास को राज्यसभा की सदस्यता देने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। एक तरफ जहां विश्वास समर्थक लगातार लामबंद हो रहे हैं और शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं पार्टी के सर्वेसर्वा और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने साफ कर दिया है कि जिन लोगों को पद और टिकट का लालच है, वे आज ही पार्टी छोड़ दें।

केजरीवाल ने ट्विटर पर अपने 2014 के एक इंटरव्यू के उस बयान को री ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने पार्टी में पद और लोकसभा/विधानसभा आदि का टिकट चाहने वालों के बारे में अपनी राय बताई थी।

इससे पहले पार्टी नेतृत्व ने जिस तरह कुमार विश्वास को हाशिए पर डाल रखा है, वहीं कार्यकर्ताओं में उनके प्रति समर्थन भी बढ़ रहा है। इसे देखते हुए आप नेतृत्व चिंतित है।

गुरुवार को आप मुख्यालय में विश्वास के समर्थन में जुटे समर्थकों के बाद से आप नेतृत्व के लिए सीधा संदेश है कि विश्वास को नजरअंदाज करना पार्टी को भारी पड़ सकता है या उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई पार्टी के कार्यकर्ता बर्दाश्त नहीं करेंगे।

आप नेतृत्व को विश्वास के प्रति बढ़ता समर्थन भी खटक रहा है। सूत्रों का कहना है कि इसे लेकर पार्टी में मंथन शुरू हो चुका है। कार्यकर्ताओं के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है कि वे कौन लोग हैं जो विश्वास के समर्थन में खुल कर आ रहे हैं।

कुमार विश्वास को राज्यसभा भेजे जाने के लिए जिस तरह आप मुख्यालय में रजाई-गद्दे लेकर कार्यकर्ता जुट रहे थे, उससे साफ था कि वे मुख्यालय में धरना देकर बड़ा आंदोलन चलाने की तैयारी में थे। दिल्ली के अलावा विभिन्न राज्यों से पहुंचे कार्यकर्ता पार्टी की कोई भी कार्रवाई झेलने को तैयार थे।

उन्होंने साफ कर दिया था कि जब तक पार्टी विश्वास पर विचार नहीं करेगी उनका आंदोलन जारी रहेगा। माना जा रहा था कि यह आंदोलन शुक्रवार और शनिवार को और भड़कता, लेकिन कुमार विश्वास ने स्वयं ही इसे बढ़ने से रोक लिया।

इससे उन्होंने पार्टी के प्रति अपने समर्पण को भी प्रदर्शित किया है। कार्यकर्ताओं में भी उनका मान सम्मान बढ़ा है। जानकारों का मानना है कि यह आंदोलन भले ही विश्वास ने रोक लिया हो, लेकिन पार्टी में अंदर ही अंदर की बगावत की चिंगारी बढ़ रही है जो कभी भी भयंकर रूप ले सकती है।

जो लोग आंदोलन के समय से जुड़े हुए थे, जिन्होंने अपना बहुत कुछ अन्ना आंदोलन और पार्टी को खड़ा करने में लगा दिया, ऐसे सभी लोगों को दूर कर दिया गया है। न तो पार्टी नेता और न ही विधायक उन्हें अहमियत दे रहे हैं। ऐसे लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

इनका कहना है कि जो पार्टी में जो भी व्यक्ति सही बात करता है उसे या तो बाहर कर दिया जाता है या फिर व्यवस्था से अलग कर दिया जाता है। उनका कहना है कि कुमार विश्वास ऐसे व्यक्ति हैं जो वही बात करते हैं जो पार्टी के गठन के समय की गई थी। मगर सत्ता में आने के बाद आप नेतृत्व में बहुत बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। उन मुद्दों पर बात ही नहीं हो रही है जिन मुद्दों को लेकर जनता ने उन्हें सत्ता सौंपी थी। कार्यकर्ताओं की इच्छा है कि विश्वास को राज्यसभा में भेजा जाए।

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