एकात्म यात्रा के जरिए पूरी दुनिया में मैत्री का संदेश दें – डॉ. भागवत

विदिशा। मकर संक्रांति के दिन सम्पन्न लोग समाज के गरीब तबके के लोगों के घर जाकर तिल-गुड़ दें और एकात्म का संदेश दें। ये आह्वान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने विदिशा पहुंची एकात्म यात्रा के दौरान जनसंवाद कार्यक्रम में किया। कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि वे अपनी पत्नी के साथ इसी मकर संक्रांति को घरेलू कार्य करने वाले, कपड़े धोने व स्त्री करने वाले और अन्य गरीब तबके के लोगों के घर तिल-गुड़ लेकर जाएंगे। सीएम ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को बेहतर समाज, बेहतर राष्ट्र, बेहतर विश्व बनाने का संकल्प दिलाया।

विदिशा पहुंची एकात्म यात्रा के दौरान जनसंवाद कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत और सीएम शिवराज सिंह ने संबोधित किया। डॉ. भागवत ने अपने संंबोधन में कहा कि देश में भले ही अलग-अलग धर्म, संप्रदाय, खान-पान के लोग रहते हैं लेकिन वे सम्पूर्ण भारत राष्ट्र के एकात्म की बात कह रहे हैं। ओंकारेश्वर में भले ही एकात्म यात्रा का समापन होगा लेकिन ये अंत नहीं प्रारंभ होगा। इसके जरिए सर्वत्र मैत्री, सर्वत्र बंधुत्व भाव का संदेश विश्व भर में दिया जाए।

वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मनुष्य ही नहीं सभी जीव-जंंतु, पेड़-पौधे, नदी-पहाड़ सभी में चेतना है, इसलिए इनका सम्मान करना चाहिए, इनकी पूजा करनी चाहिए। प्रदेश मुखिया ने आदि शंकराचार्य के कुछ किस्से भी सुनाए। उन्होंने बताया कि आदि गुरु शंकराचार्य ने कहा था कि एक ही चेतना का वास सबमे हैं। उनकी जन्मभूमि केरल थी लेकिन गुरुभूमि मध्यप्रदेश है। उन्होंने कहा कि आदि शंंकराचार्य के कारण ही भारत देश का मौजूद स्वरुप है। इस देश की सांस्कृतिक एकरुपता का श्रेय आदि शंकराचार्य को जाता है।

उन्होंने बताया कि समाज के सभी वर्गों, जातियों और लोगों ने इस यात्रा का समर्थन किया। इस यात्रा के जरिए सरकार की कोशिश है कि पूरा विश्व आदि शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन के बारे में जानें।

डॉ. भागवत के आह्वान पर सीएम ने घोषणा की कि वे मकर संक्रांति के दिन गरीब तबके के लोगों के घर तिल-गुड़ लेकर जाएंगे और उनके साथ मकर संक्रांति की खुशी बाटेंगे। सीएम ने मौजूद सभी लोगों को भी ऐसा करने का संकल्प दिलाया।

कार्यक्रम में साधु-संत, गणमान्य लोगों के साथ बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

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