दक्षिण अफ्रीका के इन जुड़वां गेंदबाजों ने ऐसे बढ़ाई टीम इंडिया की मुश्किलें

जोहानसबर्ग। वांडरर्स स्टेडियम के अंदर रग्बी मैदान के बगल में लगे नेट्स में दो दिन से अभ्यास कर रही भारतीय टीम के साथ 6 फुट लंबे दो 17 वर्षीय लड़के लगातार गेंदबाजी करते हुए नजर आ रहे थे। उनकी तेजी और स्विंग किसी से कम नहीं थी।

बाएं हाथ से तेज गेंदबाजी कर रहे दोनों गेंदबाजों ने पिछले टेस्ट में 153 रन बनाने वाले भारतीय कप्तान विराट कोहली तक को नेट पर परेशान किया। यही नहीं, इन दोनों ने अभ्यास के दौरान रोहित शर्मा और हार्दिक पांड्या को भी बोल्ड किया। जब-जब ये दोनों अच्छी गेंदबाजी करते तो वहीं पास में ही बैठे एक व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान आ जाती। वह खुश हो जाता। यह व्यक्ति रविवार को भी अभ्यास के समय उसी जगह बैठा था। वह न ही कोई मीडियाकर्मी था और न ही मैदानकर्मी।

बात की तो पता चला कि वह टीम इंडिया को अभ्यास करा रहे दोनों जुड़वां गेंदबाजों डुआन जेंसन और मार्को जेंसन के पिता कूस जेंसन हैं। कूस ने बताया कि अंडर-17 टीम ड्रेगंस के कोच क्लॉड ने दोनों जुड़वां भाइयों को भारतीय टीम को अभ्यास कराने के लिए बुलाया था। इन दोनों ने अधिकतर समय गेंदबाजी की। भारतीय टीम से मिली प्रशंसा के कारण ये दोनों पूरी रात सो नहीं पाए।

एक निजी कंपनी में मैनेजर कूस ने कहा कि सोमवार को दोनों का स्कूल था, लेकिन उन्होंने छुट्टी ले ली। मुझे भी दफ्तर से छुट्टी लेनी पड़ी। यह सपना सच होने जैसा है। हम जोहानसबर्ग से लगभग 150 किलोमीटर दूर पोचेस्ट्राम में रहते हैं।

द्रविड़ भी हुए थे खुश-

भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने सोमवार को इन दोनों भाइयों को नई गेंद से बल्लेबाजों को अभ्यास कराने को कहा। जिस एक्शन, लय और तेजी के साथ ये दोनों भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर रहे थे वह देखना वाकई में अद्भुत था। यही कारण था कि जोहानसबर्ग की घरेलू टीम हाईवील्ड लायंस के सीनियर गेंदबाज पूरे अभ्यास सत्र में बैठे रहे, जबकि ये दोनों लगातार टीम इंडिया को अभ्यास कराते रहे।

रविवार को भी जब तक कोहली बल्लेबाजी करते रहे थे, तब तक यह दोनों गेंदबाजी करते रहे। कूस ने कहा कि भारतीय टीम के साथ इन दोनों का नाता पुराना है। जब कोच राहुल द्रविड़ के साथ भारत-ए टीम दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर आई थी, तब भी इन दोनों को अभ्यास कराने के लिए बुलाया गया था।

अभ्यास सत्र के बाद डुआन और मार्को ने कहा कि यह हमारे सर्वश्रेष्ठ दो दिन रहे। कोहली के सामने गेंदबाजी करना बेहद चुनौती भरा है। उनकी तकनीक बहुत अच्छी है। भारत-ए के साथ अभ्यास करते हुए द्रविड़ सर ने हमसे कहा था कि कड़ी मेहनत करना और अपना फोकस मत खोना।

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