पद्मावत पर हिंसाः अहमदाबाद में 100 से ज्यादा गाड़ियों में तोड़फोड़, मेट्रो भी बनी निशाना

नई दिल्ली/ अहमदाबाद। संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं। गुजरात में मंगलवार रात से शुरू हुआ हिंसा का दौर रात भर चलता रहा और इस दौरान 3 माल्स, 100 से ज्यादा वाहनों और मेट्रो में तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। शहर में 40 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसे पूरे देश में रिलीज करने के आदेश के बाद अब करणी सेना और हिंदू संगठन सड़कों पर उतर आए हैं। जहां एक तरफ फिल्म को लेकर सिनेमाघरों और मॉल्स में तोड़फोड़ और आगजनी हो रही है वहीं कई राज्यों में फिल्म की बुकिंग हाउसफुल हो गई है। अहदाबाद में हुई हिंसा के बाद गुजरात के पुलिस ने इस संबंध में कई लोगों को गिरफ्तार किया है। उधर, उत्तर प्रदेश के वाराणसी और कानपुर में भी विरोध-प्रदर्शन की खबर है।

अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर एके सिंह ने बताया कि कुछ समाज विरोधी तत्वों ने विरोध के नाम पर तीन मॉल्स के बाहर खड़े वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि इन कृत्यों के पीछे कौन लोग हैं। वहीं, पुलिस नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने बताया कि भीड़ ने सबसे पहले एक्रोपॉलिस मॉल परिसर में खड़ी 21 मोटरसाइकिलों को आग लगा दी।

इसके बाद यह भीड़ हिमालय मॉल पहुंची और यहां भी कई मोटरसाइकलों को आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अल्फावन मॉल के बाहर खड़ी करीब 10 मोटरसाइकलों को भी आग लगा दी।हालात उस वक्त बिगड़ गए जब “पद्मावत” के खिलाफ एसजी हाईवे पर कैंडिल मार्च निकाल रहे कुछ प्रदर्शनकारी इन मॉल्स में पहुंच गए। हिंसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रदीप सिंह जडेजा, गृह राज्यमंत्री

हो रही धड़ाधड़ बुकिंग

पद्मावत के खिलाफ विगत महीनों से चल रहे धरना प्रदर्शनों के चलते दर्शकों की उत्सुकता कुछ इस कदर बढ़ी है कि दिल्ली-एनसीआर के सिनेमाघरों में धड़ाधड़ बुकिंग हो रही है। दिल्ली के कई सिनेमाघरों में हाउसफुल बुकिंग हो चुकी है। दर्शक विवादों के बीच फिल्म देखने को लेकर काफी उत्साहित हैं। वहीं दिल्ली पुलिस ने सिनेमाघरों के सामने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने का दावा किया है।

जानकारी के अनुसार 25 जनवरी को रिलीज होने वाली फिल्म पद्मावत की एडवांस बुकिंग देश भर के शहरों में शनिवार से ही शुरू हो गई है। सिनेमा हॉल में बुकिंग के ऑनलाइन आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो पता चलता है कि फिल्म को लेकर मचे बवाल का इसकी एडवांस बुकिंग पर कोई असर नहीं पड़ा है। दक्षिणी दिल्ली स्थित सलेक्ट सिटी वॉक में 25 जनवरी को रात नौ बजे का शो हाउसफुल है। पीवीआर शालीमार बाग में इसी दिन शाम सात बजे का शो हाउसफुल हो चुका है।

करणी सेना और गुजरात सरकार में टकराव की नौबत

गुजरात में राजपूत करणी सेना को पाटीदार और ब्राह्माण समुदाय का साथ मिल गया है। वहीं, सरकार व पुलिस फिल्म “पद्मावत” को रिलीज करने वाले मल्टीप्लेक्स व सिनेमाघरों को सुरक्षा देने की बात कह रही हैं। लिहाजा अधिकांश थियेटर मालिक फिल्म नहीं दिखाने में ही बेहतरी मान रहे हैं।

श्री राजपूत करणी सेना के संस्थापक लोकेंद्र कालवी ने मंगलवार सुबह साफ कर दिया कि वह खुद अथवा करणी सेना का कोई पदाधिकारी फिल्म देखने नहीं जाएगा और न ही वे इस फिल्म को देश में रिलीज होने देंगे। उधर, श्री समस्त गुजरात ब्रह्मा समाज के महामंत्री यज्ञेष दवे और पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के संयोजक हार्दिक पटेल ने भी करणी सेना का समर्थन किया है। उनका मानना है कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ और हिदुत्व समाज की आन बान शान में किसी तरह की गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वहीं, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा है कि जो मल्टीप्लेक्स व सिनेमाघर मालिक अपने यहां “पद्मावत” प्रदर्शित करना चाहते हैं सरकार उनको पूरी सुरक्षा मुहैया कराएगी। हालांकि अभी तक सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अध्ययन करने की बात कहकर खुद असमंजस पैदा कर रही थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट से राजस्थान और मध्य प्रदेश की याचिकाएं खारिज हो जाने के बाद अब सरकार के सुर बदल गए हैं।

फिल्म देखने के लिए करणी सेना ने बनाई समिति

“पद्मावत” के खिलाफ जारी विरोध के बीच श्री राजपूत करणी सेना ने रिलीज से पहले फिल्म देखने के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति में इतिहासकार आरएस खांगरोट, बीएल गुप्ता, कपिल कुमार, रोशन शर्मा और मेवाड़ शाही परिवार के सदस्य विश्वराज सिंह व बांसवाड़ा शाही परिवार के सदस्य जगमल सिंह शामिल हैं। करणी सेना के नेता लोकेंद्र कालवी ने कहा कि समिति जो भी सुझाव देगी, फिल्म निर्माताओं को उसके मुताबिक बदलाव करना चाहिए।

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