PM मोदी स्वीडन व ब्रिटेन की पांच दिवसीय यात्रा पर रवाना

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज स्वीडन, ब्रिटेन और जर्मनी की पांच दिवसीय यात्रा पर रवाना हो गए हैं।इसके पहले उन्होंने कहा कि उनका जोर स्वीडन व ब्रिटेन से संबंध और ज्यादा बेहतर करने पर रहेगा। रविवार को उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट पर ये बात लिखी।

गौरतलब है कि स्वीडन की यात्रा पर कोई भी भारतीय पीएम 1988 के बाद से नहीं गया है। 20 अप्रैल को वह कुछ देर के लिए जर्मनी जाएंगे, जहां उनकी चांसलर एजेंला मर्केल मुलाकात से होगी।

मोदी ने कहा कि स्वीडन के पीएम स्टीफेन लॉफवेन के साथ कारोबारी बातचीत होगी। किंग ऑफ स्वीडन कार्ल (16वें) गुस्ताफ से भी वह मिलने जाएंगे। ब्रिटेन की यात्रा पर उनका कहना था कि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को इससे नई ऊर्जा मिलेगी। वह महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से भी मिलने जाएंगे। उनका कहना है कि राष्ट्रमंडल देशों की बैठक अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करने का बेहतरीन मंच है।

स्वीडन से पीएम मोदी ब्रिटेन जाएंगे जहां उनका भव्य स्वागत होगा। राष्ट्रमंडल देशों के प्रमुखों की बैठक से ठीक पहले पीएम नरेंद्र मोदी के साथ ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीजा मे की बैठक होगी। वह अकेले ऐसे नेता हैं, जिन्हें ब्रिटेन ने द्विपक्षीय वार्ता का न्योता दिया है। यही नहीं, महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने जिन तीन राष्ट्राध्यक्षों को मुलाकात का समय दिया है, उनमें भी मोदी का नाम है।

गौरतलब है कि मोदी तीन देशों की यात्रा पर सोमवार को रवाना हो रहे हैं। स्वीडन की यात्रा के बाद मोदी अपनी चार दिवसीय ब्रिटेन की यात्रा पर मंगलवार को लंदन पहुंचेंगे, जहां उनका स्वागत अभूतपूर्व होगा। प्रिंस चार्ल्स खुद उनकी अगवानी करेंगे। वह टाटा मोटर्स के पहले इलेक्ट्रिक जगुआर में मोदी के स्वागत के लिए आएंगे। स्वागत समारोह का ऐतिहासिक होना दर्शाता है कि ब्रिटेन भारत के साथ संबंधों को कितनी गंभीरता से ले रहा है।

बुधवार को 10 डाउनिंग स्ट्रीट में उनकी टेरीजा मे के साथ बैठक होगी। माना जा रहा है कि आतंकवाद, वीजा और आव्रजन जैसे मुद्दों पर बात होगी। अवैध रूप से ब्रिटेन में रह रहे लोगों पर एक एमओयू होने की संभावना है। यह 2014 में खत्म हो गया था। बैठक के बाद मोदी लंदन के साइंस म्यूजियम का दौरा करेंगे। आयुर्वेदिक सेंटर ऑफ एक्सलेंस में वह दोपहर का भोजन करेंगे। इसके बाद वह टेम्स नदी के किनारे स्थित बसावेशवारा की प्रतिमा को नमन करेंगे।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री के साथ उनकी दूसरी बैठक फ्रांसिस क्रिक इंस्टीट्यूट में होनी है। इस दौरान मोदी उन भारतीय वैज्ञानिकों से मिलेंगे जो कैंसर, मलेरिया जैसी बीमारियों पर शोध कर रहे हैं। उसके बाद वह भारत-यूके सीईओ फोरम में हिस्सा लेंगे। बुधवार शाम को महारानी एलिजाबेथ से उन्हें वार्ता करनी है।

सेंट्रल हाल से ऐतिहासिक भाषण

नरेंद्र मोदी बुधवार शाम भारत की बात सबके साथ में हिस्सा लेंगे। लंदन के वेस्टमिंस्टर सेंट्रल हाल में इसका आयोजन होगा। इसका सजीव प्रसारण किया जाएगा। हालांकि व्यक्तिगत तौर पर इसमें कुल दो हजार लोग ही शामिल हो सकेंगे, लेकिन इसका प्रसारण उत्तरी ध्रुव से न्यूजीलैंड व सऊदी अरब से सेन फ्रांसिस्को तक किया जाएगा। सवाल सोशल मीडिया के जरिये मोदी तक पहुंच रहे हैं। 1946 में सेंट्रल हाल में ही संयुक्त राष्ट्र की आम सभा की पहली बैठक हुई थी। महात्मा गांधी के साथ मार्टिन लूथर किंग (जूनियर) यहां आ चुके हैं।

महारानी ने लिखा था पत्र

भारतीय उच्चायोग के अधिकारी दिनेश पटनायक का कहना है कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने खुद पत्र लिखकर मोदी को बैठक का न्योता दिया था। दो साल के लिए राष्ट्रमंडल देशों की कमान ब्रिटेन के पास है और यह आखिरी बार होगा जब महारानी इस बैठक की अध्यक्षता करेंगी, क्योंकि 91 साल की उम्र में उनके लिए दूसरे किसी देश में जाकर बैठक में शामिल होना संभव नहीं लगता। भारतीय पीएम ने इससे पहले 2009 में इस तरह के आयोजन में हिस्सा लिया था। माल्टा, कोलंबो, पर्थ में हुई बैठक में प्रधानमंत्री ने शिरकत नहीं की थी।

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