फेसबुक की चेतावनी- सुरक्षित नहीं यूजर्स, और लीक हो सकता है डाटा

सेन फ्रांसिस्को। डाटा लीक के बाद सवालों से घिरी सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने यूजर्स के लिए ताजा चेतावनी जारी की है। मार्क जकरबर्ग की इस कंपनी को आशंका है कि आने वाले दिनों में डाटा लीक के और मामले सामने आ सकते हैं। यूजर्स के साथ ही निवेशकों को चौकन्ना रहने को कहा गया है।

यूएस सिक्यॉरिटीज एंड एक्सचेंज कमिशन (SEC) के सामने पेश अपनी रिपोर्ट में फेसबुक ने यह आशंका जताई है। इसके मुताबिक, थर्ड पार्टी द्वारा डाटा में घुसपैठ की लगातार कोशिश की जा रही है। गौर करने वाली बात यह है कि इस रिपोर्ट में कैम्ब्रिज एनेलिटिका का जिक्र नहीं है, जिसके कारण बीते दिनों बड़ी संख्या में यूजर्स का डाटा लीक हुआ था। कैंब्रिज एनेलिटिका का कहना था कि वह डोनाल्ड ट्रंप के प्रचार अभियान से जुड़ी हुई थी और उसने चुनाव प्रभावित करने के लिए 8.7 करोड़ लोगों की व्यक्तिगत जानकारियां हासिल की थीं।

कैम्ब्रिज एनेलिटिका का मामला सामने आने के बाद अमेरिकी सीनेट में जकरबर्ग की पेशी हुई थी और उन्होंने माफी भी मांगी थी। उन्होंने अपना लिखित बयान पढ़ते हुए कहा था, “फेसबुक डाटा का दुरुपयोग मेरी गलती थी और उसके लिए मैं क्षमा मांगता हूं।”

जकरबर्ग ने भारत में अगले साल होने वाले आम चुनावों के दौरान लोगों का भरोसा बहाल करने का आश्वासन देते हुए कहा था, भारत में आगामी चुनाव के दौरान पूरी ईमानदारी बरती जाएगी।

फेसबुक फैक्ट: लॉग आउट के बाद भी आप पर ऐसे रखता है नजर

फेसबुक न केवल अपने यूजर्स के डाटा का सौदा करने लगी है, बल्कि घुसपैठ भी करती है। ताजा खुलासा यह है कि कोई यूजर फेसबुक से लॉग आउट कर लेता है तो भी कंपनी इस पर नजर रखती है कि वह शख्स कौन-कौन सी बेवसाइट्स देख रहा है।

बीते दिनों जारी यूएसए टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक के कर्मचारी यह घुसपैठ करते हैं। उन यूजर्स पर भी नजर रखी जाती है, जिनका फेसबुक में कम इंटरेस्ट है। यह जासूसी इसलिए की जाती है, ताकि यूजर्स की पसंद-नापसंद का पता लगाकर उसके अनुसार उन्हें विज्ञापन दिखाए जा सकें।

WhatsApp भी शक के घेरे में

डाटा लीक में फेसबुक के घिरने के बाद उसकी स्वामित्व वाली लोकप्रिय मैसेजिंग सर्विस वाट्सएप भी संदेह के घेरे में आ गई है। विशेषज्ञों ने यह संदेह जताया कि यह उतना सुरक्षित नहीं है, जितना दावा किया जाता है। उन्होंने यूजर्स की डाटा सुरक्षा संबंधी कुछ शर्तों पर सवाल उठाए। कहा कि इसके किसी गलत इस्तेमाल को चुनौती नहीं दी जाएगी।

शीर्ष अमेरिकी प्रौद्योगिकी उद्यमी विवेक वाधवा ने कहा, “यूजर्स के बीच संवाद कूटभाषा में उतना ही सुरक्षित हो सकता है, जितना वाट्सएप दावा करता है। लेकिन कॉल के बारे में सूचना आदि के डाटा का कंपनी उपयोग कर सकती है। वाट्सएप यह मान चुकी है कि वह फेसबुक के साथ यूजर्स की पहचान और उपकरण संबंधी सूचना साझा करती है। इससे फेसबुक यूजर्स की जासूसी जैसे गलत काम की छूट मिलती है।”

उन्होंने कहा, “मुझे यह सबसे ज्यादा चिंताजनक बात मिली कि वाट्सएप ग्रुप चैट फीचर में किसी भी ग्रुप सदस्य को कैंब्रिज एनालिटिका की तरह डाटा का पता लगाने की अनुमति होती है। इससे मोबाइल नंबरों को जाहिर कर लोगों को परेशान किया जा सकता है।”

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