13 लाख करोड़ खर्च कर US को यूं साधेगा चीन

वॉशिंगटन
चीन की यह कोशिश शायद अमेरिका के साथ चल रहे उसके कारोबारी विवाद को समाप्त कर देगी। चीन ने अमेरिका के साथ कारोबारी घाटे को कम करने के लिए उससे 200 अरब डॉलर यानी करीब 13 लाख 60 हजार करोड़ रुपये का सामान खरीदने का फैसला लिया है। हाल ही में दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर हुई उच्च स्तरीय वार्ता के बाद जारी किए गए साझा बयान में कहा गया है कि इससे कारोबारी असंतुलन कम करने में मदद मिलेगी। यही नहीं दोनों देशों के बीच अमेरिका के ऐग्रिकल्चर और एनर्जी एक्सपोर्ट्स में इजाफे को लेकर भी सहमति बनी। बता दें कि बीते कुछ महीनों से दोनों देशों के बीच व्यापारिक असंतुलन को लेकर तनाव चल रहा था और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कई बार चीन पर जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी।

दोनों देशों के व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के बीच 17 और 18 मई को हुई बातचीत में कहा गया कि इस प्रस्ताव पर काम करने के लिए अमेरिका की ओर से जल्दी ही चीन में एक टीम भेजी जाएगी। बयान में कहा गया, ‘अमेरिका के साथ चीन के व्यापारिक असंतुलन को प्रभावी तरीके से दूर करने के लिए सहमति बनी है। चीन के लोगों की उपभोग की बढ़ती जरूरतों और उच्च स्तरीय आर्थिक विकास को हासिल करने के लिए चीन ने अमेरिका से सामान और सेवाओं की खरीद को बढ़ाने का फैसला लिया है।’

इससे अमेरिका में ग्रोथ और रोजगार को बढ़ाने में मदद मिलेगी। चीन आए अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल में राजकोष मंत्री स्टीवन टी. न्यूचिन, सेक्रटरी ऑफ कॉमर्स विल्बर एल. रॉस और अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव रॉबर्ट ई. लाइथिजर शामिल थे। इस मीटिंग में दोनों देशों के बीच प्रॉडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज का विस्तार करने को लेकर भी चर्चा हुई। मीटिंग के दौरान दोनों देशों के बीच इंटलैक्चुअल प्रॉपर्टी प्रॉटेक्शंस को लेकर बात हुई और सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। साझा बयान में कहा गया, ‘पेटेंट लॉ समेत इस क्षेत्र में चीन अपने नियमों और कानूनों में संशोधन करेगा।’

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