अहमदाबाद: खेलने से रोका तो बच्चे ने चाइल्ड हेल्पलाइन पर घुमाया फोन

अहमदाबाद 
तेजी से बढ़ते शहरों में बढ़ते बच्चों के लिए जगह नहीं है। कम से कम खेलने के लिए बिलकुल नहीं। अहमदाबाद में 14 साल के जयशील के साथ जब यह समस्या हुई तो उन्होंने किसी की डांट सुनने की जगह सीधा चाइल्ड हेल्पलाइन को फोन घुमा दिया। फिलहाल उनकी परेशानी का समाधान तो निकल आया है लेकिन शहरों में बच्चों के खेलने की जगह के गायब होने की समस्या जस की तस बनी है।  

जयशील अपनी सोसायटी में बने एक कॉमन प्लॉट में अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलते हैं। वह बड़े होकर क्रिकेटर ही बनना चाहते हैं। इसलिए जब उनके पड़ोसियों ने उनके खेल को लेकर शिकायत की तो उन्होंने बहुत गंभीरता से लिया। दरअसल, कम जगह के कारण कभी गेंद पड़ोसियों के घरों के कांच तोड़ती थी तो कभी गाड़ियों के। इसलिए उन्हें वहां खेलने से मना किया जाता था। 

चाइल्ड हेल्पलाइन से ली मदद 
पड़ोसियों की डांट सुन-सुनकर परेशान जयशील ने चाइल्ड हेल्पलाइन पर फोन घुमा दिया। हेल्पलाइन से आए अरशद खान पठान ने पड़ोसियों और बच्चों दोनों को समझाया। उन्होंने बच्चों से बताया कि पड़ोसियों के सामान को नुकसान पहुंचाना अच्छी बात नहीं और पड़ोसियों से कहा कि अगर उनके खुद के बच्चे ऐसा करेंगे तो क्या वे उन्हें खेलने से रोकेंगे। 

हालांकि, जब कुछ पड़ोसी फिर भी नहीं माने तो उनसे सोसायटी के लोगों से यह लिखवाकर लाने के लिए कहा गया कि कॉमन प्लॉट पर फिर कोई भी नहीं खेलेगा। जब वे यह लिखवाने में सफल नहीं हुए तो उनसे बच्चों को खेलने देने के लिए कहा गया। 

कई जगह पर है समस्या 
यह समस्या कई जगहों पर बनी हुई है। बच्चों के खेलने के लिए सोसायटी में जगह नहीं होती। बच्चों को कई बार सड़कों पर खेलना पड़ता है। वहीं कई बार गाड़ियां बच्चों के खेलने की जगह पर आकर खड़ी हो जाती हैं। इमारतें बच्चों के इनडोर गेम्स के लिए तो क्लब बनाने लगी हैं लेकिन आउटडोर गेम्स खेलने में अभी भी समस्या है। 


Source: SAMACHARTODAY

Random Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*