आदिवासी छात्रावास एवं आश्रमों के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास करने आवश्यक  – श्री राणा    

 रायपुर 

 छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री जी.आर. राणा ने आज अम्बिकापुर के  सर्किट हाऊस में सरगुजा जिले के सभी मण्डल संयोजकों और आदिवासी छात्रावास आश्रमों के अधीक्षकों से कहा है कि वे आदिवासी छात्रावास एवं आश्रमों के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास करने हेतु हर संभव आवश्यक प्रयास करें।  उन्होंने अधीक्षकों से कहा है कि वे  सभी छात्रावास आश्रम में रहने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करें तथा शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए यथासंभव अवष्य प्रयास करें। श्री राणा आज यहां सर्किट हाऊस में सरगुजा जिले के मण्डल संयोजकों और आदिवासी बालक-बालिका आश्रम      एवं छात्रावासों के अधीक्षकों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।  
राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री राणा ने आश्रम छात्रावास अधीक्षकों से कहा है कि वे विद्यार्थियों को शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि छात्रावास एवं आश्रमों में रहने वाले विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए तन, मन और समर्पण के साथ कार्य करने की सीख देवें। विद्यार्थी जीवन का बेहतर उपयोग कर अपने भावी जीवन में कुछ अच्छा कर गुजरने के लिए समय का सदुपयोग करने की समझाईश समय-समय पर देते रहें तथा उनका आवश्यक मार्गदर्शन भी करें। श्री राणा ने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई-लिखाई के साथ ही खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें तथा विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास  करने के लिए उचित मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देते रहें। श्री राणा ने मण्डल संयोजकों और अधीक्षकों से कहा है कि वे गांवों में ग्रामीणजनों की बैठक लेकर स्कूल जाने योग्य सभी बच्चों का पहली कक्षा में दाखिला कराने की समझाईष देवें। इसके साथ ही यह भी बताएं कि कोई बच्चा बीच में स्कूल न छोड़ें तथा किन्हीं कारणोंवष स्कूल छोड़ चुके बच्चों को पुनः स्कूल में प्रवेष दिलाएं। 
श्री राणा ने कहा कि विद्यार्थियों को बचपन से ही यह सिखाया जाए कि असफलता से हताष न हों, बल्कि कभी परीक्षा में असफल होने पर अगली बार और अधिक परिश्रम कर बेहतर नम्बरों से परीक्षा उŸाीर्ण करने के लिए प्रयास करें। उन्होंने कहा कि एक बार की असफलता से जीवन के सभी मार्ग बंद नहीं हो जाते हैं, बल्कि कड़ी मेहनत और लगन से पढ़ाई कर जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है। श्री राणा ने कहा कि अपने  जीवन में उत्कृष्ट सफलता हासिल किए लोग भी कभी न कभी असफल हुए होते हैं, लेकिन वे असफलता से घबराए नहीं और अधिक मेहनत कर जीवन में आगे बढ़ते गए। इस अवसर पर छŸाीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य श्री रामकिषुन सिंह, सहायक संचालक आदिवासी विकास श्री डी.पी. नागेष और सरगुजा जिले के सभी आदिवासी बालक एवं बालिका छात्रावास आश्रम के अधीक्षक तथा मण्डल संयोजक उपस्थित थे। 


Source: SAMACHARTODAY

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