मुंबई के इन बेघरों ने दी सामूहिक आत्मदाह करने की चेतावनी

मुंबई
भूमिगत मेट्रो लाइन-3 (कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज) परियोजना के तहत बांद्रा स्थित 125 झोपड़े तोड़े जाने और घर न देने के मामले में 40 परिवार पिछले 101 दिन से भूख हड़ताल पर हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रबंधन ने उनके घर तो तोड़ दिए, लेकिन बदले में घर नहीं दिए। इसके विरोध में उन्होंने 12 जून को मंत्रालय के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।

मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लि. (एमएमआरसीएल) द्वारा कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज के बीच भूमिगत मेट्रो रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत इस इलाके के झोपड़ों को तोड़ा गया, लेकिन प्रभावितों को घर नहीं दिए गए। इस कारण 40 से अधिक प्रभावित परिवार मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

हम पिछले 101 दिनों से हड़ताल पर हैं
हड़ताल के मुखिया अशोक शेलार ने बताया, ‘हम पिछले 101 दिनों से हड़ताल पर हैं, लेकिन किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने हमारी खबर नहीं ली। एमएमआरसीएल के अधिकारी आर. रामन्ना से बैठक हुई थी। रामन्ना ने कहा कि वहां झोपड़े ही नहीं थे, लेकिन उप जिलाधिकारी के नोटिस में 125 झोपड़े तोड़ने की बात कही गई है।

अनशन में हुई थी मौत
इन 40 परिवारों के पास 2000 से पहले के बिजली के बिल, राशन कार्ड और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं। 20 फरवरी से 40 परिवार अनशन पर हैं। इस अनशन के दौरान ही 20 अप्रैल को 17 वर्षीय इब्राहिम शेख की मृत्यु हो गई थी।


Source: SAMACHARTODAY

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