दिल्ली: अटेंडेंस लगाकर स्कूल से गायब हो जाते थे टीचर, प्रिंसिपल समेत 22 सस्पेंड

नई दिल्ली

देश की राजधानी दिल्ली के सरकारी स्कूलों का सच क्या है, ये किसी से छिपा नहीं है, जिन शिक्षकों के भरोसे माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल में पढ़ने के लिए भेजते हैं, अगर वही शिक्षक इस कदर लापरवाह हों कि स्कूल में हाजिरी लगाकर गायब हो जाएं तो आप ऐसे शिक्षकों के बारे में क्या कहेंगे. जी हां, एमसीडी के स्कूलों के शिक्षकों का यही हाल है.

दरअसल एमसीडी के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को यह सूचना मिली थी कि बाहरी दिल्ली के कई स्कूलों में शिक्षक केवल हाजिरी लगाने आते हैं और फिर वह गायब हो जाते हैं. इसकी सूचना पर 10 मई को रोहिणी क्षेत्र के निठारी सेकेंड प्राइमरी स्कूल में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने छापा मारा. इस दौरान कुल 28 शिक्षकों में से केवल 4 शिक्षक स्कूल में मौजूद थे, जबकि दो शिक्षक छुट्टी पर चल रहे थे.

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जब अटेंडेंस रजिस्टर देखा तो उनकी आंखें फटी रह गईं. सभी शिक्षकों के नाम अटेंडेंस में दर्ज थे. इसके बाद से इस पूरी रिपोर्ट पर कार्रवाई शुरू हो गई, जिसके बाद सभी को नोटिस जारी कर सफाई मांगा गया. मामले में कार्रवाई करते हुए प्रिंसिपल समेत 22 शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया.

एजुकेशन डायरेक्टर ने जारी किया आदेश

एक साथ इतने शिक्षकों को सस्पेंड करने का आदेश जारी करने से हड़कंप मच गया. शिक्षा विभाग के डायरेक्टर हेमंत कुमार ने यह आदेश जारी किया. हेमंत कुमार ने बताया, ‘वह पहले भी कई शिक्षकों पर जुर्माना लगा चुके हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी दिल्ली में कई शिक्षक लॉबी के रूप में काम करते हैं और अपनी तादाद के बल पर इस तरह के गलत कामों को अंजाम देते हैं.’

प्राइमरी एजुकेशन का जिम्मा नगर निगम के पास

दरअसल दिल्ली में प्राइमरी एजुकेशन का जिम्मा दिल्ली नगर निगम के पास है, जहां पर तीनों ही नगर निगम के सैकड़ों स्कूल हैं, लेकिन पढ़ाई का स्तर किस तरह से रहता है, इसका अंदाजा आप इस बात से लगाइए कि एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें कहा गया था कि छठवीं में पढ़ने वाले अधिकतर बच्चे अपना नाम तक लिखना नहीं जानते हैं.


Source: SAMACHARTODAY

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