लॉ के क्षेत्र में हैं अध्ययन और करियर के शानदार अवसर

बड़वानी
सर, मेरा इन्ट्रेस्ट कानून पढ़ने में है। मैं एडव्होकेट बनना चाहता हूं। सर! मझे वो फिल्में बहुत अच्छी लगती हैं, जिनमें कोर्ट के दृश्य होते हैं। वकील साहब कितने प्रभावी संवाद बोलते हैं और कहानी पलट देते हैं। मैं भी ऐसा ही करना चाहता हूं। मुझे क्या करना चाहिए। उत्साह से भरा एक छात्र करियर सेल में आया और उसने अपनी जिज्ञासा इस तरह प्रकट की। ऐसे ही अनेक विद्यार्थी लॉ के बारे में उपलब्ध अध्ययन और करियर के क्षेत्र में जानकारी प्राप्त करने आते हैं। प्राचार्य डॉ. एनएल गुप्ता के मार्गदर्षन में करियर सेल की टीम के अंतिम मौर्य, प्रीति गुलवानिया, जयप्रकाश सोलंकी, राहुल मालवीय, डॉ. मधुसूदन चौबे ने इन विद्यार्थियों को बताया कि लॉ के क्षेत्र में अध्ययन और करियर के बेहतरीन अवसर हैं। एलएल.बी. गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. मधुसूदन चौबे ने बताया कि जिस तरह फिल्मों में कोर्ट लगती है, वैसा वास्तव में नहीं होता है। अधिवक्तागण अपना अपना पक्ष बहुत ही शांति से रखते हैं। किसी भी केस में विजयी सम्वादों या अभिनय के आधार पर नहीं, अपितु तथ्यों, प्रमाणों और कानून के सही निर्वचन पर आधारित होती है। प्रीति गुलवानिया ने विद्यार्थियों को जानकारी दी कि बारहवीं के बाद पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स किया जा सकता है। इसमे बीएएलएलबी, बीकॉमएलएलबी, बीएससीएलएलबी, बीबीएएलएलबी में से कोई भी उपाधि प्राप्त की जा सकती है। यह कोर्स पांच वर्ष का होता है। इसी तरह स्नातक के बाद तीन वर्ष का एलएल बी कोर्स भी किया जा सकता है। एलएलबी के बाद एलएल एम और कानून में पीएच डी भी की जा सकती है।

डॉ. चौबे बताया कि  लॉ के क्षेत्र में भारत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज में दी जाती है। देश में 19 एनएलयू हैं। इनमें बेंगलुरू, हैदराबाद, कोलकाता, जोधपुर, भोपाल आदि की विशेष प्रसिद्ध हैं। इनमें एडमिशन के लिए क्लेट पास करना होता है। क्लेट का मतलब होता है- कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट। यह परीक्षा प्रतिवर्ष मई में होती है। इसके माध्यम से एलएल बी और एलएल एम में एडमिशन होता है।

पुस्तकालय विशेषज्ञ कार्यकर्ता प्रीति गुलवानिया ने बताया कि एलएल.बी. में प्रवेश लेने के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी अधिकतम 20 वर्ष की आयु तक और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी 22 वर्ष की आयु तक क्लेट में सम्मिलित हो सकते हैं। इस परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों पर आधारित एक प्रश्नपत्र होता है। इसमें 200 प्रश्न होते हैं, जो दो घंटे में हल करने होते हैं। ये प्रश्न इंग्लिश, सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर्स, गणित, लीगल एप्टिट्यूड, लॉजिकल रीजनिंग पर आधारित होते हैं। एलएल. एम. में प्रवेश के लिए कोई उच्चतम आयु सीमा नहीं है, अर्थात् किसी भी आयु वर्ग का व्यक्ति क्लेट उत्तीर्ण करके एलएल.एम. में प्रवेश ले सकता है। इसके लिए 150 अंकों का वस्तुनिष्ठ प्रश्नों पर आधारित प्रश्नपत्र होता है। इसमें संविधान, न्यायशास्त्र एवं अन्य कानूनों पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। सही उत्तर पर एक अंक मिलता है तथा गलत उत्तर पर एक चौथाई अंक काट लिया जाता है अर्थात् इसमें ऋणात्मक मूल्यांकन की व्यवस्था है।


Source: SAMACHARTODAY

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