पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के बावजूद मई में कारों की बंपर सेल

नई दिल्ली 

मजबूत इकनॉमिक ग्रोथ, नई लॉन्चिंग और दाम में बढ़ोतरी के आसार के कारण कस्टमर्स के पहले खरीदारी करने के चलते मई में लगातार दूसरे महीने कार कंपनियों की बंपर सेल्स रही है। गौर करने वाली बात यह है कि पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमत का असर भी कार सेल पर नहीं दिखा। माना जा रहा है कि पिछले फेस्टिव सीजन में सितंबर के बाद पिछले महीने में पैसेंजर वीइकल कंपनियों की सेल्स आठ महीने बाद तीन लाख यूनिट मासिक का लेवल पार कर गई है। इसके अलावा कमर्शल वीइकल और टू-वीलर कंपनियों की भी सेल्स इस दौरान दमदार रहने का अनुमान है। 
 
कंपनियों के अलग से जारी होलसेल डेटा से पता चला है कि मई में मारुति सुजुकी स्विफ्ट, होंडा अमेज, टोयोटा यारिस और ह्यूंदै क्रेटा की लॉन्चिंग के अलावा महंगाई और ब्याज स्थिर रहने से पैसेंजर गाड़ियों की सेल्स सालाना आधार पर 19-21% बढ़कर 3-3.05 लाख यूनिट तक पहुंच गई है। सोसायटी ऑफ इंडस्ट्री ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सिआम) आमतौर पर महीने के दूसरे हफ्ते में इंडस्ट्री डेटा जारी करती है। इंडस्ट्री एग्जिक्यूटिव्स और एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गाड़ियों की सेल्स में डबल डिजिट ग्रोथ की वजह पिछले साल का लो बेस है जो पिछले साल आधिकारिक सूचना से पहले जीएसटी को लेकर बनी अनिश्चय की स्थिति के चलते हुआ था।

 
  
 भारत में एक तरफ जहां पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर हाहाकार मचा हुआ है वहीं दूसरी तरफ देश में कार खरीदारों की संख्या में इजाफा हो रहा है। कार बिक्री अपने पुराने रेकॉर्ड तोड़ रही है। मई 2018 की बात करें तो मारुति सुजुकी, टोयोटा को कार बिक्री में अच्छी खासी बढ़त मिली है। कार सेल्स के बढ़ने के पीछे एक वजह यह भी है कि आॅटो कंपनियां अपने पुराने मॉडल्स, वेरियंट्स पर डिस्काउंट आॅफर कर रही हैं। ये डिस्काउंट कंपनियां इसलिए भी दे रही हैं क्योंकि फेस्टिव सीजन से पहले स्टॉक खाली करना और नई कारों को लॉन्च करना है।

 

 मई 2017 की तुलना में मारुति सुजुकी ने पिछले महीने सेल्स में कुल 26 पर्सेंट की ग्रोथ दर्ज की थी। भारत की इस सबसे बड़ी कार कंपनी की भारत में बिकने वाली कुल कारों में 50 पर्सेंट से भी ज्यादा कारें शामिल हैं। घरेलू बाजार में मारुति की कुल 1,63,200 यूनिट्स बिकीं तो वहीं एक्सपोर्ट होने वाली गाड़ियों की संख्या 9312 रही। मारुति की स्विफ्ट, डिजायर और बलेनो की काफी डिमांड रही। इसके साथ ही मारुति सुजुकी विटारा ब्रेजा की अच्छी खासी डिमांड रही जो कि अब आॅटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ भी अवेलेबल है। मारुति सुजुकी ने वैन्स और हल्के कमर्शल वाहनों में अच्छी ग्रोथ दिखाई है। 

 टोयोटा इंडिया ने मई 2017 की तुलना में 20 पर्सेंट की ग्रोथ दर्ज की है। जापानी आॅटोमेकर की हाल ही लॉन्च हुई नई यारिस सिडैन को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। मई के बीच में लॉन्च होने के बावजूद इसकी 4,000 यूनिट्स पिछले महीने बिक गईं। इसके अलावा फॉर्च्यूनर और इनोवा की बिक्री भी कंपनी के लिए फायदेमंद रही।


Source: SAMACHARTODAY

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