पीएम मोदी ने कहा, कच्छ से कटक, कारगिल से कन्याकुमारी तक बिछी है Bhilai में बनी फौलादी पटरियां

भिलाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भिलाई के जयंती स्टेडियम सभा स्थल में मौजूद लाखों लोगों का अभिवादन छत्तीसगढ़ी में किया। पीएम मोदी ने मंच से कहा संगी, जहुंरिया, नोनी-बाबू मन ला जय जोहार। छत्तीसगढ़ महतारी के प्रताप के चिन्हारी मन ला जय जोहार। पीएम के मुंह से छत्तीसगढ़ी सुनते ही सभा स्थल तालियों से गूंज पड़ा।

दुपहिया में घूमता था छत्तीसगढ़ में 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश से अलग नहीं हुआ था तब संगठन के काम के दौरान कई बार दुपहिया में बैठकर छत्तीसगढ़ के जिलों में घूमते थे। यहां का कोई जिला ऐसा नहीं बचा है जहां वे नहीं गए होंगे। तब के छत्तीसगढ़ और अब के छत्तीसगढ़ में जमीन आसमान का अंतर नजर आता है।

भिलाई को जिंदगी बनाने वाला शहर बताया। पीएम ने कहा कि कच्छ से कटक तक, कारगिल से कन्याकुमारी तक बिछी रेल की पटरियां बनाने वाले फौलादों की नगरी भिलाई है। उन्होंने 18 हजार करोड़ रुपए के भिलाई स्टील प्लांट के एक्सपांशन प्रोजेक्ट को देश के नाम समर्पित किया। स्टील उद्योग में नए कीर्तिमान बनाने वाले श्रमवीरों के प्रति आभार जाताया।

आईआईटी की रखी आधारशिला 
स्वागत भाषण के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने विभिन्न कार्यक्रमों का लोकार्पण किया। सबसे पहले मंच पर ही टीवी स्क्रीन के माध्यम से डेवलपमेंट और छत्तीसगढ़ और विकास यात्रा का लाइव शो हुआ। इसके बाद भिलाई इस्पात संयंत्र की विस्तार परियोजना को देश के नाम समर्पित किया।

इसी बीच आईआईटी भिलाई की आधारशिला रखी। इसके पहले पीएम मोदी ने नया रायपुर में भारत नेट फेस-टू योजना का शुभारंभ किया। वहीं भिलाई के मंच से जगदलपुर से रायपुर के बीच वायु सेवा का शुभारंभ वीडियो लिंक के जरिए किया।

यह केंद्रीय मंत्री रहें पीएम मोदी की सभा में उपस्थित 
पीएम मोदी की सभा में इस्पात मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार मनोज सिन्हा, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार हरदीप सिंह पुरी और इस्पात राज्य मंत्री विष्णुदेव साय मौजूद थे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और उनके मंत्री मंडल के सभी मंत्रियों के अलावा लगभग 1.50 लाख भीड़ सभा स्थल में मौजूद थी।

दो महीने में दूसरी बार छत्तीसगढ़ आया हूं
पीएम ने कहा कि आज से दो महीने पहले 14 तारीख को ही मैं छत्तीसगढ़ आया था। आज दूसरी बार इसी तारीख को भिलाई आने का मौका आप सभी के आशीर्वाद से मिला। उन्होंने कहा कि २२ हजार करोड़ से ज्यादा योजनाओं का उपहार छत्तीसगढ़वासियों को इस मंच से मिल रहा है। सालों पहले बस्तर का नाम आते ही बम, पिस्तौल और बंदूक की आवाजें कानों में गूंजती थी। आज उसी बस्तर का जगदलपुर हवाई सेवा से जुड़ गया है। बस्तर की पहचान अब हवाई सेवा के लिए होगी।


Source: SAMACHARTODAY

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