मप्र में गरीब कल्याण की सबसे बड़ी योजना लागू , बजट का उपयोग गरीबों की संख्यां के हिसाब से 

भोपाल  
मध्य प्रदेश में गरीब की जिन्दगी बदलेगी। सरकार ने गरीब कल्याण की दुनिया की सबसे बड़ी योजना लागू की है। बजट का उपयोग, अब गरीबों की जनसंख्या के अनुपात में होगा। अगले चार सालों में कोई भी गरीब पक्के मकान के बिना नहीं रहेगा। गरीब का हर बच्चा पढ़ेगा। बीमारी का नि:शुल्क उपचार होगा। बिजली बिल फ्लेट रेट पर भरना होगा। संकट की घड़ी में गरीब परिवार की पूरी मदद होगी। जीवन की अंतिम विदाई भी सम्मानपूर्वक होगी। गरीब की आमदनी बढ़ाने आदि के काम भी ‘संबल योजना’ में शामिल किए गए हैं। 
यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को असंगठित मजदूर सम्मेलन में मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना के लाभ वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंकने कहा कि ‘संबल’ गरीब की जिन्दगी में नया सवेरा और खुशियों का नया रंग भरने की योजना है। इससे गरीब की जिन्दगी का सफर आसान होगा। 60 वर्ष की उम्र तक गरीब की असामयिक मृत्यु होने पर दो लाख रूपए और दुर्घटना में मृत्यु पर चार लाख रुपए मिलेंगे। अंतिम संस्कार कफन-दफन के लिए पाँच हजार रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। आमदनी बढ़ाने के लिए हाथठेला वाले को ई-लोडर, रिक्शा वालों को ई-रिक्शा मिलेगा। स्वरोजगार के लिए एक लाख लोगों को सरकार की गारंटी पर ऋण मिलेगा। 
निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों की प्रतिवर्ष 8 लाख रुपए तक की फीस भी सरकार देगी, इसमें जाति, समाज और धर्म का कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। प्रदेश में 37 लाख 50 हजार गरीब बेघर हैं। उन्हेंा पक्का मकान देने के लिए 4 सालों में 40 लाख मकान बनाए जाएंगे। शहरों में भूमि की कमी होने पर बहुमंजिली इमारत में मकान दिए जायेंगे। 

चौहान ने कहा कि जुलाई माह से गरीब को फ्लैट रेट पर बिजली का बिल देना होगा। बिल की बकाया राशि सरकार भरेगी। बल्ब, पंखा और टी.वी. का उपयोग करने वालों को हर माह 200 रुपए का बिल ही जमा करना होगा। गरीब का इलाज नि:शुल्क होगा। जरूरत होने पर निजी अस्पताल में उपचार का खर्चा भी सरकार उठाएगी। मजदूर महिलाओं को गर्भावस्था में चार हजार रुपए और प्रसूति उपरांत बारह हजार रुपए की सहायता मिलेगी। पहली से लेकर कॉलेज तक की पढ़ाई की फीस सरकार भरेगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक को स्मार्ट कार्ड दिए जायेंगे। उनकी सहायता के लिए प्रत्येक वार्ड में पाँच-पाँच सेवाभावी व्यक्तियों की समिति रहेगी। इसमें एक महिला मजदूर और एक अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग का सदस्य रहेगा। मुख्यमंत्री ने जब चरण पादुका की हितग्राही कन्या बाई और महिला बाई को अपने हाथों से चरण पादुकाएं पहनाईं तो पूरा पंडाल हर्ष ध्वनि से गूँज उठा। 


Source: SAMACHARTODAY

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