अधूरे पतों के कारण फिर आरटीओ में लौटे 2500 रजिस्ट्रेशन कार्ड, तमाम प्रयास हुए विफल

इंदौर
 दो पहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन कार्ड को वाहन मालिक के घर पर पहुंचाने के आरटीओ के तमाम प्रयास विफल हो गए हैं। आरटीओ ने अपनी वेबसाइट पर 2500 रजिस्ट्रेशन कार्ड की सूची डाली हैं यह वह कार्ड है जो आधे-अधूरे पते के कारण वापस लौट आए हैं।

इंदौर आरटीओ में हर दिन करीब 100 से 150 दो पहिया वाहन रजिस्टर्ड होते हैं। इन वाहनों के रजिस्ट्रेशन कार्ड को डाक से रवाना किया जाता है, लेकिन जब पता सही नहीं होता है तो यह कार्ड वापस आ जाते हैं। इधर, वाहन मालिक इसके लिए शोरूम और आरटीओ के चक्कर काटता रहता है। अगर इस दौरान कार्ड खो गया तो दिक्कत हो जाती है। गाड़ी पर फायनेंस हो तो नया कार्ड जारी करवाने के लिए बैंक से एनओसी और पुलिस में शिकायत भी करना पड़ती है। इसके बाद आरटीओ ने पिछले दिनों एक नई व्यवस्था लागू की थी, जिसमें कहा गया था कि इन कार्ड के लिफाफों पर अब हाथ से पता नहीं लिखा जाएगा। शोरूम पर वीआईडी में भरी जाने वाली जानकारी और पते को ही प्रिंट कर कार्ड पर लिखा जाएगा। उसके बाद भी यह परेशानी आ रही है। इधर मामले में दो पहिया शाखा प्रभारी तेजसिंह अहिरवार सबसे अधिक परेशान है। उन्हें अधिकारियों से सबसे अधिक डांट भी इन्हीं रजिस्ट्रेशन कार्ड के वापस आने पर सुनना पड़ रही है।

आरटीओ जितेंद्रसिंह रघुवंशी ने बताया कि जिन वाहन स्वामियों को कार्ड नहीं मिला है वे लोग आरटीओ आकर अपना कार्ड हासिल कर सकते हैं। अब शोरूम संचालकों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे किसी भी स्थिति में आधा-अधूरा पता नहीं ले।

सीएम हेल्पलाइन पर सबसे अधिक मामले

अधिकारियों के मुताबिक पिछले कुछ समय से सीएम हेल्पलाइन पर सबसे अधिक मामले इसी संबंध में आ रहे हैं। इसमें आवेदक यह शिकायत कर देता है कि उसे रजिस्ट्रेशन कार्ड नहीं मिला है। इसके बाद उसे आरटीओ रजिस्ट्रेशन कार्ड देता है। कुछ मामलों में यह भी देखने में आया है कि रजिस्ट्रेशन कार्ड खोने के बाद आवेदक ने सीएम हेल्पलाइन पर कार्ड नहीं मिलने की शिकायत की है।


Source: POLITICS

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