फीफा विश्व कप 2018: फ्रांस ने बेल्जियम को 1-0 से हराकर फाइनल में बनाई जगह

सेंट पीटर्सबर्ग
डिफेंडर सैमुअल उमटिटी के गोल की बदौलत फ्रांस ने रोमांचक सेमीफाइनल में मंगलवार को यहां बेल्जियम को 1-0 से हराकर तीसरी बार फीफा विश्व कप फाइनल में जगह बनाई। मैच का एकमात्र गोल उमटिटी ने 51वें मिनट में हैडर के जरिए किया। 

फ्रांस की टीम तीसरी बार विश्व कप के फाइनल में जगह बनाने में सफल रही। टीम ने 1998 में अपनी ही मेजबानी में हुए विश्व कप फाइनल में ब्राजील को हराकर खिताब जीता था लेकिन 2006 के फाइनल में इटली से हार गई थी। फ्रांस की टीम अब 15 जुलाई को होने वाले फाइनल में इंग्लैंड और क्रोएशिया के बीच बुधवार को होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेगी। 

बेल्जियम के खिलाफ विश्व कप के तीन मैचों में यह फ्रांस की तीसरी जीत है। इससे पहले फ्रांस ने 1938 में पहले दौर का मुकाबला 3-1 से जीतने के बाद 1986 में तीसरे दौर के प्ले ऑफ मैच में 4-2 से जीत दर्ज की। इसके साथ ही बेल्जियम का 24 मैचों का अजेय अभियान भी थम गया। इस दौरान उसने 78 गोल किए और आज के मैच से पहले सिर्फ एक मैच में टीम गोल नहीं कर पाई। 

बेल्जियम की टीम हालांकि विश्व कप में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ विदा हुई और अपने प्रदर्शन से लोगों का दिल जीतने में सफल रही। बेल्जियम के लिए बाएं छोर से एडन हेजार्ड ने कई अच्छे मूव बनाए लेकिन टीम को दायें छोर पर रोमेलु लुकाकु की नाकामी का खमियाजा भुगतना पड़ा। फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर ओलिवर गिरोड भी कई मौकों पर अच्छे मूव को फिनिश करने में नाकाम रहे लेकिन उमटिटी ने टीम को मुश्किल में फंसने से बचा लिया। 

बेल्जियम की टीम ने थामस म्युनियर के निलंबन के कारण उनकी जगह मूसा डेम्बले को उतारा जबकि फ्रांस ने निलंबन के बाद वापसी कर रहे ब्लेस मातुइदी को कोरेनटिन टोलिसो की जगह शुरुआती एकादश में शामिल किया। दोनों टीमों ने मैच की सतर्क शुरुआती की। बेल्जियम की टीम हालांकि शुरुआत में कुछ बेहतर दिखी। 

टीम ने पांचवें मिनट में अच्छा मूव बनाया और गेंद बाएं छोर पर एडन हेजार्ड के पास पहुंची लेकिन उनके क्रास को फ्रांस के डिफेंडरों ने बाहर कर दिया जिससे बेल्जियम को कार्नर किक मिली। बेल्जियम की टीम हालांकि नासेर चाडली के दिशाहीन शाट के कारण कार्नर किक का फायदा नहीं उठा सकी। फ्रांस ने भी 10वें मिनट में बाएं छोर से अच्छा मूव बनाया लेकिन पेनल्टी बॉक्स में सतर्क खड़े बेल्जियम के डिफेंडरों ने आसानी से उसके प्रयास को नाकाम कर दिया। फ्रांस ने दो मिनट बाद बेल्जियम के मूव को विफल करते हुए पलटवार किया लेकिन युवा काइलियान एमबापे लंबे पास तक पहुंचते उससे पहले ही गोलकीपर थिबाउट कोर्टोइस ने आगे बढ़कर गेंद को अपने कब्जे में ले लिया। 

बेल्जियम की टीम ने दाएं छोर से लगातार हमले किए लेकिन उसके खिलाड़ी फ्रांस के डिफेंस को भेदने में नाकाम रहे। इसी तरह के एक मूव पर केविन डि ब्रूइन ने क्रॉस से गेंद हेजार्ड के पास पहुंची लेकिन उनका दमदार शॉट गोल के करीब से बाहर निकल गया। फ्रांस को 18वें मिनट में बेल्जियम के पेनल्टी बॉक्स में मची अफरातफरी के बाद गोल करने का मौका मिला लेकिन मातुइदी सीधे गेंद को कोर्टोइस के हाथों में खेल गए। अगले ही मिनट में हेजार्ड फिर हावी दिखे और उनके तेज शॉट को फ्रांस के रफेल वराने ने अपने हैडर से लगभग गोल के अंदर पहुंचा ही दिया था। बेल्जियम को कार्नर किक मिली। गेंद टोबी एल्डरवेल्ड के पास पहुंची जिनके दमदार शॉट को गोलकीपर ह्यूगो लारिस ने दायीं ओर गोता लगाते हुए बाहर का रास्ता दिखा दिया। 

एमबापे की तरह ओलिवर गिरोड को भी पलटवार पर लंबा पास मिला और वह इस तक पहुंचने में सफल भी रहे लेकिन गेंद को गोल की राह नहीं दिखा सके। फ्रांस को 30वें मिनट में फ्री किक मिली। एंटोनी ग्रिजमैन ने सीधा शॉट लेने की बजाए गेंद बेंजामिन पेवार्ड की ओर बढ़ाई जिनके शॉट पर गिरोड हैडर से गोल नहीं कर पाए। 

एमबापे के पास पर तीन मिनट बाद गिरोड को गोल करने का एक और मौका मिला और उन्हें सिर्फ गोलकीपर को छकाना था लेकिन उनका बेदम और दिशाहीन शॉट बाहर निकल गया। फ्रांस ने पलटवार पर कई शानदार मूव बनाए लेकिन टीम इन्हें फिनिशिंग टच नहीं दे सकी। टीम को 40वें मिनट में बढ़त बनाने का सुनहरा मौका मिला लेकिन पेवार्ड के शाट को शुरुआत में चूकने के बाद कोर्टोइस ने अपने पैर से इसे बाहर का रास्ता दिखा दिया। हाफ टाइम तक दोनों टीमें 0-0 से बराबर थीं। 
 


Source: NEWS

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