बारिश से टॉस में देरी, लॉर्ड्स में होगा मुकाबला

लंदन (इंग्लैंड) 
टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जाएगा. टॉस से पहले ही लंदन में हल्की बारिश हो रही है, जिसके कारण टॉस में देरी हुई है. टॉस का निर्धारित समय दोपहर 3:00 बजे है. मैदान पर अभी भी कवर्स मौजूद हैं और लगातार बारिश हो रही है. बादल छाए हुए हैं जिसके कारण हल्का अंधेरा भी है.

पहला मैच हारने के बाद भारतीय टीम लॉर्ड्स में जब इंग्लैंड के सामने होगी, तो उसकी कोशिश अपने बल्लेबाजों के जिम्मेदाराना प्रदर्शन के दम पर जीत की राह पर लौटने की होगी.

कप्तान विराट कोहली को अगर बर्मिंघम में बाकी बल्लेबाजों से सहयोग मिला होता तो हालात दीगर होते. दुनिया की नंबर एक टीम बढ़त लेने के करीब पहुंची थी, लेकिन 31 रन से चूक गई. अब टीम इंडिया के सामने सीरीज 1-1 से बराबर करने की चुनौती है.

लॉर्ड्स में टीम इंडिया का रिकॉर्ड

लॉर्ड्स के मैदान पर टीम इंडिया के रिकॉर्ड की बात करें तो वह बेहद खराब रहा है. इस मैदान पर भारतीय टीम ने 17 टेस्ट मैच खेले हैं. इन 17 मैचों में से इंग्लैंड की टीम ने 11 मुकाबलों में जीत हासिल की है, तो भारतीय टीम सिर्फ 2 बार ही जीत सकी है. वहीं 4 बार टेस्ट मैच ड्रॉ रहा.

लॉर्ड्स में टीम इंडिया को सिर्फ दो जीत मिली है. साल 1986 में कपिल देव की कप्तानी में भारतीय टीम ने इंग्लिश टीम को 5 विकेट से मात देकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. इसके 28 साल बाद वर्ष 2014 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने मेजबान को 95 रनों से शिकस्त दी थी.

भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट मैचों का रिकॉर्ड

आंकड़ों की बात करें, तो भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 118 टेस्ट मैच खेल चुके हैं. जिनमें से भारत ने 25 टेस्ट जीते हैं, जबकि उसे 44 में हार का सामना करना पड़ा है. 49 टेस्ट ड्रॉ रहे.

इंग्लैंड की धरती पर परिणाम की बात करें, तो अब तक दोनों के बीच 58 टेस्ट हो चुके हैं, जिनमें से भारत को सिर्फ 6 में जीत हासिल हुई, जबकि 31 में इंग्लैंड ने बाजी मारी. 21 टेस्ट ड्रॉ रहे.

इंग्लैंड में भारतीय टीम का प्रदर्शन

इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज के नतीजे देखें, तो भारत ने आखिरी बार 2007 में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज पर 1-0 से कब्जा किया था. इसके बाद 2011 में भारत ने चार टेस्ट मैचों की सीरीज 0-4 से गंवाई थी. 2014 में भी उसे इंग्लैंड के हाथों 1-3 से सीरीज में हार का सामना करना पड़ा. वह सीरीज 5 टेस्ट मैचों की थी.

भारतीय टीम को इंग्लैंड की धरती पर तीन टेस्ट सीरीज में ही सफलता (1971, 1986 और 2007) मिली है, एक ड्रॉ (2002) के अलावा बाकी सारी सीरीज भारत ने गंवाई है.

पहले टेस्ट में बल्लेबाजों के नाकाम रहने के बावजूद गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने अतिरिक्त बल्लेबाज को उतारने की संभावना से इनकार किया. उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे स्पिनर पर विचार हो सकता है.

ऐसे में उमेश यादव को बाहर रहना पड़ सकता है, क्योंकि ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और हार्दिक पंड्या तेज गेंदबाजी का जिम्मा संभालेंगे. दूसरे स्पिनर के लिए चयन की दुविधा होगी.


Source: NEWS

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