जब बगैर रूट के दिल्ली की सड़कों पर निकले PM मोदी, जाम में फंस गए

नई दिल्ली            
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 'स्वच्छता ही सेवा आंदोलन' की शुरुआत की. उन्होंने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये मध्य प्रदेश के राजगढ़ में कार्यक्रम की शुरुआत की. वे स्वच्छता आंदोलन को प्रमोट करने के लिए पहाड़गंज के बाबा साहब अंबेडकर सीनियर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे थे, जहां उन्होंने झाड़ू लगाई, लेकिन इससे पहले उन्हें दिल्ली के ट्रैफिक जाम से भी जूझना पड़ा.स्वच्छता आंदोलन को प्रमोट करने के लिए दिल्ली के पहाड़गंज स्थित साहब अंबेडकर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पीएम मोदी का कार्यक्रम था. पीएम के लिए कोई खास रूट नहीं तय किया गया था और बाकी लोगों के साथ उनका काफिला सड़क पर निकला था. इसके चलते आम लोगों का रोड पर आना जाना जारी रहा. इसका नतीजा रही है कि पीएम जब अपने काफिले के साथ निकले तो उन्हें ट्रैफिक जाम में फंसना पड़ गया.

हालांकि पीएम ट्रैफिक जाम में फंसने के बावजूद स्कूल पहुंचे और उन्होंने झाड़ू उठाकर सफाई की. इसके बाद उन्होंने वहां स्कूल के छात्रों के साथ संवाद किया. मोदी सरकार के कई मंत्रियों ने भी 'स्वच्छता ही सेवा आंदोलन' के लिए कई अलग-अलग जगहों पर झाड़ू लगाई.बता दें कि पीएम ने इस अभियान का हिस्सा बनने और स्वच्छ भारत मिशन को कामयाब बनाने के लिए करीब 2 हजार नागरिकों को खुद पत्र लिख चुके हैं. उन्होंने कहा, 'मैं गंगा तट पर बसे हर भाई-बहन से एक आग्रह करना चाहता हूं. क्या आप सभी इस स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के दौरान मिलकर गंगा सफाई के लिए श्रमदान कर सकते हैं? मैं जानता हूं कि बिजनौर के स्वच्छाग्रहियों की तरह ही अनेक भाई-बहन बरसों से इस सेवा में जुटे हैं.'

पीएम ने कहा, 'गंगा हमारी संस्कृति है, विरासत है, पहचान है. मां गंगे के प्रति समर्पण और सम्मान गंगोत्री से गंगा सागर तक ना सिर्फ दिखना चाहिए, बल्कि उसे कष्ट देने की मानसिकता को दिमाग से निकालना भी चाहिए' उन्होंने कहा कि मैं आप सभी साथियों के इस प्रयास को नमन करता हूं. मां गंगा की सेवा का ये पुण्य जो आप कर रहे हैं, उसका लाभ देश को होने वाला है. गंगा किनारे बसे गांवों में खुले में शौच से मुक्ति मां गंगा की निर्मलता के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है. पीएम ने स्वच्छता अभियान के लिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को बधाई देते हुए कहा किवो गांव-गांव में साफ सफाई के अभियान से लंबे समय से जुड़े हुए हैं. पहले गोरक्षपीठ के मुखिया के नाते, जनप्रतिनिधि के तौर पर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में आपका प्रयास दिख रहा है.

Source: खेल

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