न्यूट्रिलाइट ने ‘‘प्रोटीन 4 चिल्ड्रन’’ कैंपेन की शुरूआत की जो कि बच्चों के विकास के महत्वपूर्ण वर्षाे में प्रोटीन की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित करता है

प्रोटीन कैल्कुलेटर एप भी लाॅन्च किया, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं को प्रोटीन सेवन का आकलन करने में मदद मिलेगी
मुंबई
देश की सबसे बड़ी एफएमसीजी डायरेक्ट सेलिंग कंपनी एम्वे इंडिया ने ‘प्रोटीन 4 चिल्ड्रन’ अभियान लाॅन्च किया है। इंडियन मेडिकल गैजेट में प्रकाषित एक हालिया अध्ययन के अनुसार भारत में प्रोटीन का अभाव एक बड़ी चिंता का विषय है, 80 प्रतिषत से अधिक भारतीय आहारों में प्रोटीन कम होता है।  जर्नल आॅफ फैमिली मेडिसिन एंड प्राइमरी केयर में प्रकाषित एक अन्य लेख से पता चलता है कि भारत में लगभग 50 प्रतिषत बच्चों में प्रोटीन की कमी है।  एम्वे का ‘प्रोटीन 4 चिल्ड्रन’ अभियान इस तथ्य पर केन्द्रित है कि 5 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों में प्रोटीन की आवष्यकता दोगुनी हो जाती है, ताकि उनकी वृद्धि को सहयोग मिले और किषोरवय में यह आवष्यकता और भी बढ़ जाती है।  

कंपनी ने एक व्यापक अभियान ‘प्रोटीन 4 चिल्ड्रन’ षुरू कर अभिभावकों को प्रोटीन के लाभ बताने का बीड़ा उठाया है। इस अभियान के एक हिस्से के तौर पर एम्वे अपने डायरेक्ट सेलर्स और देष के ग्राहकों को बच्चों में प्रोटीन की आवश्यकता समझाने के लिये कई पहलें कर रहा है। कंपनी ने एक प्रोटीन कैल्कुलेटर एप भी लाॅन्च की, जिससे प्रोटीन के सेवन की सही मात्रा का आकलन करने में मदद मिलती है और इसकी कमी के बारे में पता चलता है। एम्वे ने सोशल मीडिया पर ट्रिविया की एक श्रृंखला ‘डिड यू नो’ प्रस्तुत की है, ताकि बच्चों में प्रोटीन की आवश्यकता पर ज्ञानवर्द्धन किया जा सके। इसके अलावा, एम्वे ने अग्रणी पोषण विशेषज्ञों के साथ मिलकर मजेदार और स्वादिष्ट रेसिपीज भी तैयार की हैं, जिन्हें न्यूट्रिलाइट आॅल प्लांट प्रोटीन पाउडर से आसानी से बनाया जा सकता है।

बाजार की संभावनाओं के बारे में एम्वे इंडिया के मुख्य विपणन अधिकारी संदीप शाह ने कहा, ‘‘यह अभियान जर्नल आॅफ फैैमिली मेडिसिन एंड प्राइमरी केयर की इस रिपोर्ट पर आधारित है कि भारत में लगभग 50 प्रतिषत बच्चों में प्रोटीन की कमी है और यह ऐसी माताओं पर लक्षित है, जिन पर हमारे देष के बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य का दायित्व है। इस अभियान के साथ हमारा लक्ष्य बच्चों की बढ़ती आयु में प्रोटीन के महत्व पर जोर देना है। यदि प्रोटीन की आवश्यक मात्रा आहार में उपलब्ध नहीं है, तो पूरक के बारे में सोचना चाहिये।’’

बच्चों में प्रोटीन की आवश्यकता समझाते हुए एम्वे इंडिया में न्यूट्रिषन एंड वेलनेस केटेगरी हेड अजय खन्ना ने कहा, ‘‘षुरूआती साल बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिये महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इस समय वृद्धि तेजी से होती है। इसलिये, उन्हें अपने समग्र विकास के लिए एक जबर्दस्त शुरूआत चाहिये। अंगों के कार्य, मांसपेशियों की मरम्मत और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिये पर्याप्त प्रोटीन चाहिये। आईसीएमआर के अनुसार 5 से 12 वर्ष की आयु में प्रोटीन की आवश्यकता दोगुनी हो जाती है। हालांकि लगभग 50 प्रतिषत बच्चों में प्रोटीन की कमी है। हमारा ब्राण्ड सभी के अच्छे स्वास्थ्य और तंदुरूस्ती में विश्वास करता है, इसलिये यह आंकड़े सचेत करने वाले हैं। हम जानते हैं कि बच्चों में खाने की पसंद और नापसंद होती है, इसलिये उन्हें सही मात्रा में प्रोटीन देना माताओं के लिये एक चुनौती है। हम प्रोटीन के सेवन को बच्चों के लिये सरल और आकर्षक बनाना चाहते हैं, जो उनके दैनिक आहार में मिल सकता है। न्यूट्रिलाइट आॅल प्लांट प्रोटीन की एक अच्छी विषेषता यह है कि इसे किसी भी भोजन में मिलाया जा सकता है, क्योंकि इसका स्वाद प्राकृतिक है। एम्वे में हम अच्छे स्वास्थ्य में विश्वास करते हैं। एम्वे का न्यूट्रिलाइट आॅल प्लांट प्रोटीन पाउडर बच्चों में प्रोटीन की कमी को दूर करेगा। प्रोटीन का पूरक आहार उन माताओं के लिये एक महत्वपूर्ण समाधान है, जो अपने बच्चे के भविष्य की मजबूत आधारषिला चाहती हैं।’’
 
अधिकांष बच्चे संतुलित आहार नहीं लेते हैं, जिसमें प्रोटीन होता है, जैसे कि अनाज, फल, सब्जियाँ और स्वास्थ्यकर वसा की अल्प मात्रा। वसा और कार्बोहाइड्रेट्स के विपरीत प्रोटीन षरीर में संचित नहीं होते हैं। इसलिये लगातार क्षतिपूर्ति आवश्यक है। प्रोटीन से मांसपेषियाँ, अस्थियाँ और शरीर के अन्य अंग बनते हैं और यह षरीर की वृद्धि और रख-रखाव के लिये अनिवार्य है। एम्वे का आॅल प्लांट प्रोटीन पाउडर पचने में आसान हैं, इसमें 10 प्रतिषत आॅल प्लांट फार्मूला है, जो 9 मूलभूत एमिनो एसिड्स की पूर्ति करता है, जो रोज मिलने चाहिये, खासकर बच्चों को, ताकि उनकी अच्छी वृद्धि हो। सोया, गेहूं और मटर से प्रोटीन और एमिनो एसिड्स का सही मिश्रण प्राप्त होता है, जो बच्चों को नियमित आधार पर अनिवार्य पोषक तत्व देते हैं। न्यूट्रिलाइट आॅल प्लांट प्रोटीन पाउडर का स्वाद सामान्य है, इसलिये इसके विविध उपयोग हैं और इसे जूस, मिल्कषेक, छाछ, सूप और दाल में मिलाने से उनका स्वाद नहीं बदलता है।

 

Source: खेल

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