छत्तीसगढ़ में आदिवासी मुख्यमंत्री प्रत्याशी बना अहम चुनावी मुद्दा

रायपुर
विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही छत्तीसगढ़ में आदिवासी मुख्यमंत्री प्रत्याशी की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है. इस बार आम आदमी पार्टी ने युवा आदिवासी मुख्यमंत्री प्रत्याशी घोषित कर इस मांग को और बल दे दिया है.

वहीं जाति को लेकर उठे विवाद के बाद भी अजीत जोगी आदिवासी नेता के तौर पर छत्तीसगढ़ से जनता कांग्रेस और बसपा गठबंधन के मुख्यमंत्री प्रत्याशी हैं. ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के लिए आदिवासी मुख्यमंत्री प्रत्याशी घोषित करने का दबाब बढ़ने लगा है.

छत्तीसगढ़ राज्य मूल रुप से आदिवासियों का राज्य है, जहां लगभग 32 फीसदी आबादी आदिवासियों की है. ऐसे में 15 सालों के छत्तीसगढ़ की सत्ता पर काबिज भाजपा में भी समय-समय पर आदिवासी मुख्यमंत्री की मांग उठती रहती है. प्रदेश में आदिवासियों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए ही आम आदमी पार्टी ने कोमल हुपेंडी को अपना मुख्यमंत्री प्रत्याशी घोषित किया है.

भाजपा इस मुद्दे पर बचाव की मुद्रा में हैं. भाजपा के प्रवक्ता का कहना है कि पार्टी जातिवाद और सांप्रदायिकता से उपर उठ कर राज्य का सेवा करने में विश्वास करती है.

बता दें कि भाजपा में इन दिनों आदिवासी मुख्यमंत्री प्रत्याशी की मांग उठ रही है. हाल ही में भाजपा में शामिल हुए रामदयाल उईके, रामविचार नेताम, रामसेवक पैकरा, नंदकुमार साय,  जैसे कई आदिवासी नेता बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं.


Source: खेल

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