शाह ने पलटा गोवा का गेम, 2 कांग्रेस MLAs का इस्तीफा, BJP में होंगे शामिल

नई दिल्ली/पणजी 
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की तबीयत पिछले काफी दिनों से खराब है. उनके खराब स्वास्थ्य का साइड इफेक्ट गोवा में दिख रहा है. मंगलवार सुबह कांग्रेस के दो विधायकों ने राजधानी दिल्ली में BJP अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद दोनों ने बयान दिया कि वह बीजेपी में शामिल हो रहे हैं.

लेकिन कुछ ही देर बाद पूरा गेम ही पलट गया. जब दोनों कांग्रेस विधायकों दयानंद सोपते और सुभाष शिरोदकर ने गोवा विधानसभा के स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया. और कुछ ही देर में ये स्वीकार भी हो गया. इन दो विधायकों के इस्तीफे के साथ ही कांग्रेस से सबसे बड़े दल का तमगा भी छिन गया है.

अब क्या हुआ विधानसभा का हाल?

गोवा में कुल 40 विधानसभा सीटें हैं यानी बहुमत के लिए 21 सीटों का समर्थन चाहिए. BJP के पास अभी तक 23 विधायकों का समर्थन था, जबकि कांग्रेस के पास कुल 16 विधायक थे. NDA के 23 में BJP के 14, गोवा फारवार्ड पार्टी तथा महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी के 3-3 विधायक और 3 निर्दलीय विधायक हैं.

अब इनमें से दो कांग्रेस विधायक इस्तीफा दे चुके हैं. यानी अब विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या 38 हो गई है और बहुमत के लिए 21 नहीं 20 की संख्या की जरूरत है.  कांग्रेस के पास अब कुल 14 विधायक ही बचे हैं.

शाह ने बदल दिया पूरा गेम!

मंगलवार को गोवा कांग्रेस के दो विधायक राजधानी दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह के घर मिलने पहुंचे. अब दोनों विधायक मंगलवार शाम को ही भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन करेंगे. विधायकों का कहना है कि उनके अलावा 2-3 अन्य MLA भी BJP ज्वाइन कर सकते हैं. साफ है कि अगर कांग्रेस के विधायक बीजेपी ज्वाइन करते हैं तो गोवा सरकार पर मंडरा रहा खतरा टल सकता है. 

कांग्रेस विधायक दयानंद सोपते और सुभाष शिरोदकर मंगलवार को ही अमित शाह से मिलने पहुंचे. दोनों MLA सोमवार रात को ही दिल्ली के लिए रवाना हुए थे. जिस समय दोनों विधायक दिल्ली के लिए रवाना हुए तब वहां गोवा के हेल्थ मिनिस्टर विश्वजीत राणे भी मौजूद रहे.

टूट गया कांग्रेस का भरोसा

इस मुलाकात से पहले गोवा कांग्रेस के प्रभारी का कहना था कि दोनों विधायकों ने उन्हें भरोसा दिया है कि वह पार्टी विरोधी कोई काम नहीं करेंगे. लेकिन अब विधायकों का ये फैसला दर्शाता है कि उन्होंने अपनी पार्टी का साथ छोड़ने का मन बना ही लिया था और उन्होंने ऐसा ही किया.

गौरतलब है कि पर्रिकर मध्य फरवरी से ही बीमार चल रहे हैं और उनका गोवा, मुम्बई और अमेरिका समेत विभिन्न जगहों के अस्पतालों में इलाज हुआ है. 15 सितंबर से ही वे एम्स में भर्ती थे अभी कुछ ही दिन पहले उन्हें गोवा शिफ्ट किया गया था.

सहयोगी भी छोड़ रहे साथ!

गोवा फॉरवर्ड के उपाध्यक्ष ट्राजनो डिमेलो ने राज्य में मछली माफिया का खुला समर्थन करने केलिए भाजपा नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया. डिमेलो ने यह कहते हुए रविवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया कि सरकार मछली माफियाओं का समर्थन कर रही है, जो मछलियों को संरक्षित करने के लिए फॉर्मलिन का इस्तेमाल करते हैं.


Source: खेल

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