कांग्रेस के वचन पत्र पर BJP ने जताई आपत्ति, चुनाव आयोग में करेंगे शिकायत

बुरहानपुर
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2018 की घोषणा होते ही सभी राजनीतिक दलों ने अपने मतदाताओं को साधना शुरू कर दिया है. कांग्रेस अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर किसानों को ढाई लाख रुपये कर्ज माफ करने का वादा कर चुके हैं. अब कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव पहुंचकर कर्ज से पीड़ित किसानों से उनके कर्ज की राशि जानकर उन्हें वचन पत्र भरकर दे रहे हैं. कांग्रेस द्वारा किसानों को दिए जा वचन पत्र भाजपा को रास नहीं आ रहे हैं.

भाजपा ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए चुनाव आयोग से इसकी शिकायत करने की तैयारी कर ली है. वहीं इस मामले में कांग्रेस ने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए आचार संहिता के लागू होने के बाद बीजेपी के महाजनसंपर्क अभियान में वितरित किए जाने वाले हैंड बिल में केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजना के प्रचार को भी आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया है. हालांकि दोंनों ही दल एक दूसरे जबानी हमले कर रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग में कोई भी शिकायत नहीं कर रहा है.

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर शहर के ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचकर किसानों से उनके कर्ज की राशि जान रहे हैं और किसानों को कर्ज माफी का वचन पत्र भरकर दिया जा रहा है. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने मप्र में किसानों की बढ़ती आत्महत्याओं की संख्या के मद्देनजर उनकी विपत्ति को समझते हुए यहा वादा किया कि अगर यहां कांग्रेस की सरकार बनी तो किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा, ताकि किसान स्वयं का विकास कर सकें.

कांग्रेस की इस कवायद पर बीजेपी की आपत्ति पर बुरहानपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय सिंह रघुवंशी का कहना है कि यह कोई पार्टी का घोषणा पत्र नहीं है. यह तो वचन पत्र है और कांग्रेस किसानों के पास नहीं जा रही, बल्कि गांवों से किसान खुद आगे आकर इस वचन पत्र को भर रहे हैं. कांग्रेस ने भाजपा के महाजनसंपर्क अभियान के दौरान वितरित किए जा रहे हैंड बिल में केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याण कारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर भी आपत्ति जताई और कानूनी सलाह लेकर आचार संहित का उल्लंघन की शिकायत करने की बात कह रही है.

कांग्रेस की वचन पत्र की राजनीति पर भाजपा ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया है. भापना नेता ज्ञानेश्वर पटेल ने कहा कि वे इसकी शिकायत भारत निर्वाचन आयोग से करेंगे. इसके साथ ही भाजपा ने कांग्रेस को नसीहत दी है कि अगर वाकई में किसानों का अच्छा करना होता तो उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल में क्यों नहीं किया. किसानों की आर्थिक तंगी, आत्महत्याएं कांग्रेस की नीतियों का ही नतीजा है.


Source: राजनीति

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