आचार संहिता के साये में मनेगा दशहरा, राजधानी में हो रही ये तैयारी

रायपुर
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे बड़े दशहरा उत्सव का आयोजन इस बार आचार संहिता के साये में होगा. आचार संहिता के चलते राजनीतिक पार्टी के नेता आम आदमी की हैसियत से कार्यक्रम में शामिल होंगे. क्योंकि इस पूरे कार्यक्रम पर निर्वाचन आयोग की नजर रहेगी. राजधानी रायपुर के डब्ल्यूआरएस कॉलोनी मैदान में होने वाले दशहरा उत्सव में इस बार भी प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ही रावण दहन करेंगे, लेकिन इस बार बड़ा फर्क ये होगा कि आयोजन में वे मुख्यमंत्री की नहीं बल्कि एक आम आदमी की हैसियत से शामिल होंगे.

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह न तो वे मंच से किसी तरह का राजनीतिक भाषण दे सकेंगे और न ही कोई घोषणा कर सकेंगे. केवल पर्व को लेकर ही अपनी बात जनता तक रखेंगे. आपको बता दें कि डब्ल्यूआरएस के दशहरा उत्सव समिति की कमान प्रदेश के मंत्री राजेश मूणत के साथ उनकी टीम के हाथों में रहती है. ऐसे में यहां का कार्यक्रम पूरी तरह भगवा रंग में रहता है, लेकिन इस बार टीम वही है, लेकिन मूणत ने इस आयोजन से दूरी बना ली है. क्योंकि निर्वाचन आयोग के सख्त निर्देश हैं कि अगर किसी भी पार्टी के नेता किसी भी धार्मिक मंच का उपयोग अपनी पार्टी या राजनीतिक लाभ के लिए करते हैं तो उस आयोजन का खर्च नेता या फिर पार्टी के खाते में जाएगा.

आचार संहिता के चलते कार्यक्रम का अंदाज़ भी बदला गया है. आयोजन समिति के जी स्वामी का कहना है कि उन्होंने सभी नेताओं को आमंत्रित किया है लेकिन वे सभी आम आदमी के तौर पर ही कार्यक्रम में शरीक होंगे. हांलाकि आचार संहिता के बावजूद दशहरा उत्सव समिति ने आयोजन को भव्य बनाने की पूरी तैयारी कर ली है. डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में दशहरा उत्सव का ये 49वां साल होगा. इसलिए दशहरे पर इस साल रावण दहन के साथ आतिशबाजी भी बेहद खास होगी.

मैदान में लंदन के नामी फायर शो की तर्ज पर आतिशबाजी की जाएगी. इसके लिए यहां लंदन ब्रिज की तर्ज पर 60 फीट ऊँचा आर्टिफिशियल ब्रिज और 70 फीट ऊँचा रिंग तैयार किया गया है. 105 फीट के रावण के साथ 85-85 फीट के मेघनाथ और कुंभकर्ण का दहन भी किया जाएगा. रावण दहन की तैयारियां तेजी से जारी हैं. रावण के पुतले को अंतिम रूप दिया जा रहा है.


Source: खेल

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