दशहरे पर हुआ दुर्गा विसर्जन

मुंगावली
नवदुर्गा महापर्व के समापन पर दशहरे के दिन चल समारोह निकाला गया। चल समारोह हिन्दू उत्सव समिति की ओर से बस स्टैंड से निकाला गया। नगर में लगी 50 से अधिक दुर्गा प्रतिमाएं और झांकियां दोपहर से शुरू होकर देर रात तक निकलती रही। इस दौरान रोशनी से जगमगाती सड़कें, विद्युत साज सज्जा से दमकती झांकियों की चकाचौंध, नृत्य करते श्रद्धालु व जयकारों से गूंजती गलियां, रात में भी दिन का अहसास करा रही थीं। श्रद्धा भक्ति में मग्न श्रद्धालु मातारानी के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे।

नवमी एवं दशमी पर माताजी की विदाई के लिए  शहर में जगह-जगह हवन, यज्ञ और भंडारे हुए। 9 दिन बाद व्रतधारियों ने व्रत खोला और गुरूवार को जवारों का विसर्जन भी किया गया था। देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए श्रद्धालु ढोल-ढमाकों के साथ मातारानी का विसर्जन करने  बेतवा नदी एवं भुजरिया तालाब के  घाटों पर पहुंचे। चल समारोह देखने के लिए जगह-जगह लोगों की भीड़ लगी हुई थी। अनेक स्थानों पर लोग खड़े होकर चल समारोह का इंतजार कर रहे थे। कई लोग घरों की छतों पर खड़े होकर भी चल समारोह देख रहे थे। रास्ते में जगह-जगह स्वागत किया गया।


Source: खेल

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