नेहरू के चलते नहीं, जनता ने बनाया पीएम

शहडोल
नेहरू के चलते नहीं बल्कि देश की 125 करोड़ जनता में मुझे प्रधानमंत्री बनाया है। यह बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही। कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए मोदी ने कहा कि वे अब कह रहे हैं कि नेहरू के चलते चायवाला पीएम बन गया। यदि आप (कांग्रेस) डेमोक्रेसी का इतना सम्मान करते हैं तो एक छोटा सा काम करिए। आपका दावा है कि पंडित नेहरू और संविधान में आपकी भूमिका के चलते एक चायवाला पीएम बना है तो फिर आप एक बार परिवार से बाहर के किसी शख्स को सिर्फ 5 साल के लिए कांग्रेस का अध्यक्ष बना दो। 

प्रधानमंत्री ने शहडोल में भी रैली को संबोधित किया। उन्होंने यहां अपने चार साल को विकास का काल बताते हुए भाजपा के पक्ष में वोट डालने की अपील की। कहा कि इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था कि गरीबों की बैंकों तक पहुंच होनी चाहिए, लेकिन गरीब लोग पहुंच नहीं पाए। आज हमने यह स्थिति खड़ी की कि गरीब लोग बैंक तक पहुंच पाए। 

मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि आपकी दादी मां ने गरीबी हटाने के लिए कहा था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रधानमंत्री ने पूछा कि क्या देश से गरीबी हटी है? उन्होंने वादाखिलाफी की या नहीं? ऐसे झूठे वादे करने वालों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। हमारे काम पर विश्वास कर वोट दीजिए। कांग्रेस का हाल मुंह में राम बगल में छुरी जैसा है। ये संसद में कहते हैं कि हम प्रेम की बात करते हैं और मध्य प्रदेश में हमें बताया गया कि वे गुस्से की ही बात करते हैं। आप कांग्रेस से पूछें कि आपने 55 सालों में क्या किया। उन्होंने 4 पीढ़ियों में जितने शौचालय बनाए, उतने हमने 4 साल में ही बना लिए।

अंबिकापुर में मोदी ने कहा कि 4 पीढ़ियों तक राज करने वालों को खुद हिसाब देना चाहिए, लेकिन वे 4 साल वालों से जवाब मांग रहे हैं। पहले 4 पीढ़ी का हिसाब दो, मैं तो 4 साल का जवाब हर वक्त देता फिरता हूं। उन्हें कुछ बातें चुभती हैं, चेहरा लाल-पीला हो जाता है। वे 440 से 44 हो गए, लेकिन अब भी आंसू बहाते रहते हैं कि चायवाला बैठ गया, कैसे बैठ गया? उन्हें यह यकीन ही नहीं होता कि जो विरासत हमें अंग्रेजों ने दी थी, उस पर चायवाला कैसे बैठ गया। जब तक आप भारत के लोकतंत्र को नहीं समझेंगे, तब तक चायवाले को गालियां ही देंगे। चायवाला पीएम बन गया, इसका क्रेडिट भी वे नेहरू को देते हैं देश के सवा सौ करोड़ लोगों नहीं। यह उनकी अलोकतांत्रिकता है। 
 


Source: विश्व

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