ट्रेड फेयर में ढूंढते रह जाओगे हरियाणा का स्टॉल

 
गुड़गांव 

इस बार दिल्ली के प्रगति मैदान में लग रहे ट्रेड फेयर हरियाणा का पविलियन गायब है। अपना खुद का पविलियन न सजने की वजह से फरीदाबाद-गुड़गांव की कोई इंडस्ट्री स्टॉल भी नहीं लगा पाई। हरियाणा की प्रगति महज डिस्प्ले के जरिए ही प्रगति मैदान पहुंचने वाले लोगों को देखने को मिल रही है।  
 

ईज ऑफ डूइंग बिजनस में हरियाणा देश में टॉप थ्री राज्यों में शामिल है। एस्कॉर्ट्स, जेसीबी, किर्लोस्कर, लखानी, स्टार वायर, गुडइयर, शाही एक्सपोर्ट्स, मारुति, हीरो, होंडा समेत कई बड़ी कंपनियां हरियाणा की धरती से बिजनेस चला रही हैं। ट्रेड फेयर के दौरान अक्सर ये कंपनियां अपनी तरक्की के साथ ही हरियाणा की प्रगति में निभाए रोल से भी लोगों को अवगत कराती रही हैं। ट्रेड फेयर में अलग से लगने वाले हरियाणा पविलियन में इन कंपनियों के स्टॉल बुक होते थे। यहां से अपने प्रॉडक्ट से संबंधित शो भी करते थे। लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं है। 

बताया जा रहा है कि प्रगति मैदान में कंस्ट्रक्शन वर्क चल रहा है और इस बार महज 20 पर्सेंट एरिया में ही ट्रेड फेयर का आयोजन हो रहा है। उद्योग विभाग के जॉइंट डायरेक्टर अनिल चौधरी का कहना है कि जगह के अभाव में हरियाणा पविलियन इस बार नहीं सजा। इसलिए किसी भी कंपनी को प्रगति मैदान में जगह नहीं मिली। सिर्फ डिस्प्ले के जरिए ही हरियाणा की प्रगति से लोगों को अवगत कराया जा रहा है। 

हरियाणा के खाना का भी नहीं मिल रहा स्वाद 
खानपान के शौकीन लोगों के लिए हरियाणा पविलियन अहम स्थान रखता था। इसमें गोहाना की देशी घी की जलेबी, वीटा की पिन्नी, लस्सी, समेत हरियाणा के अन्य व्यंजनों का स्वाद मिलता था। लंच टाइम में हरियाणा पविलियन में खाने के लिए लोगों की खासी भीड़ उमड़ती थी। इसका मकसद देसां मै देश हरियाणा, जित दूध-दही का खाणा, वाली कहावत से लोगों का करीब से रूबरू होना रहता था। 

मेट्रो, केएमपी समेत अन्य विकास हुआ गौण 
इस बार न तो मेट्रो का बढ़ता विस्तार दिखाई दे रहा और न ही केएमपी व अन्य हाइवे के फैले जाल से लोग रूबरू हो रहे हैं। इसके साथ ही कृषि मामले में बढ़ती पैदावार, खिलाड़ियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने का बखान भी देखने को नहीं मिल रहा। 
 


Source: राजनीति

Random Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*