जब बच्चे शुरू करने वाले हों चलना

जब बच्चे शुरू करने वाले हों चलना

बच्चों का चलने का अपना अलग-अलग समय होता है और वे अपने आप अपनी क्षमता के अनुसार ही सीखते हैं। अगर आप ऐसा सोचते हैं कि आपके फ्रेंड के बच्चे जल्दी चलना सीख गए हैं और आपके बच्चे ने अभी तक खड़े होना भी नहीं सीखा है तो परेशान मत होइए। वे अपनी क्षमता के अनुसार ही सीखते हैं और सबकी अलग-अलग कूबत होती है। जानिए उन लक्षणों के बारे में जिनसे पता चलता है कि बच्चे अब अपने पैरों पर चलने के लिए तैयार हो गए हैं…

– कई बच्चे अपने पहले जन्मदिन पर चलना सीख लेते हैं, जो 9 से 18 महीने उम्र की अवधि तक का होता है। चलने के दौरान कुछ बच्चे थोड़ी-थोड़ी देर में गिरने लगते हैं, लेकिन वहीं कुछ बच्चे सीधे खड़े होकर चलना शुरु कर देते हैं। इस दौरान वे अपने पैर और हाथ का भरपूर मदद लेते हैं। और ये सबसे महत्वपूर्ण बात होती है। अगर वे इनमें से कुछ हरकतें करते हैं तो उनका चलना अब ज्यादा दूर नहीं है।

-अपने बच्चे की प्रोग्रेस पर ध्यान दें। वे पिछले महीने से ज्यादा इस महीने फास्ट तो नहीं जा रहे हैं। उन्होंने अपनी बॉडी को जमीन से टच करना कम कर दिया है।

– सबसे जरुरी ये है कि उनके बैक मसल्स मजबूत होने चाहिए जिनके द्वारा वे अपनी पूरी शरीर का भार उठाते हैं। इसलिए जन्म से ही उनकी मालिश करके उनके मसल्स को स्ट्रॉंग बनायें।

– उनके बैठने के प्रैक्टिस को वॉच करें। वे जब जमीन पर लुढ़कना शुरु करते है तो उनके बैलेंस को देखें। उनके खिलौने को लेकर उनके आगे-आगे चलें इससे वे आगे बढ़ने को मोटिवेट होंगे।

– अपने आगे उन्हें चलने दें, इस दौरान उनके हाथों को पकड़ना ना भूलें। बीच-बीच में उनके हाथ छोड़ कर उन्हें खुद से बैलेंस बनाने की आजादी दें। उनसे दूर खड़े होकर उन्हें आपके पास आने को प्रोत्साहित करें।

– जब वे पहली बार खुद से खड़े होकर चलना सीख जाते हैं तो पूरे घर में अपने हाथों के निशान छोड़ जाते हैं क्योंकि दीवार पर या किसी और चीज के सहारे चलकर वे आगे बढ़ते हैं। शुरुआत में वे खड़े होने पर बैठ पाने में सक्षम नहीं हो पाते हैं ऐसे में आप उन्हें सहारा देकर बैठाने में उनकी मदद करें।

– शार्प कॉर्नर वाले टेबल्स को उनकी पहुंच से दूर रखें ताकि वे इंजर्ड ना हो पायें।

– ऐसे फर्नीचर को अलग ही रखें जो काफी स्लिपरी हों और आसानी से एक जगह से दूसरी जगह खिसक जाते हों।

– कार्पेट और ऐसे ही दूसरे सामानों को उनके रास्ते से हटा कर रखें।

– जब वे सीढ़ीयों पर जा रहे हों तो उनका खास खयाल रखें। खासकर सीढीयों के उपरी और निचले हिस्से में दरवाजे लगवाना ना भूलें।

– हानिकारक हाउसहोल्ड सामानों को उनसे दूर रखें।

– उन्हें वॉकर से दूर रखें। ये एक मिथक है कि इसके सहारे वे जल्दी चलना सीखते हैं लेकिन होता ठीक इसके उल्टा है। इसके मदद से वे और भी देरी से चलना सीखते हैं।

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