
नई दिल्ली
ऋतुराज गायकवाड़ ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने चोट के कारण मिले करीब पांच महीने के ब्रेक का फायदा उठाया और लाल गेंद के क्रिकेट पर काम किया लेकिन इस भारतीय बल्लेबाज का मानना है कि सत्र की शानदार शुरुआत के बावजूद उन्हें खेल के पारंपरिक प्रारूप में अभी लंबा रास्ता तय करना है। सलामी बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ को अप्रैल की शुरुआत में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलते हुए कोहनी में चोट लग गई थी, जिसके कारण वह चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल 2025 में नहीं खेल पाए और फिर एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी से पहले इंग्लैंड लायंस के खिलाफ भारत ए टीम का हिस्सा नहीं बन पाए।
उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए यॉर्कशर के साथ काउंटी अनुबंध से भी हटने का फैसला किया। गायकवाड़ ने मध्य क्षेत्र के खिलाफ दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल के पहले दिन पश्चिम क्षेत्र के लिए 184 रन बनाने के बाद कहा, ‘‘मेरे पास तैयारी के लिए अच्छा समय था, विशेषकर भारत ए सीरीज का हिस्सा नहीं होने के बाद और उसके बाद वापस आकर मैंने लाल गेंद के क्रिकेट में अपने खेल पर काम करने का फैसला किया। इसे कुछ समय दिया और मैं अब भी इस पर काम कर रहा हूं, अभी भी लंबा रास्ता तय करना है। ’’ लेकिन उन्होंने अपने खेल में जो भी मेहनत की है, उसका फल उन्हें मिलता दिख रहा है। गायकवाड़ ने चेन्नई में बुची बाबू आमंत्रण टूर्नामेंट में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ शतक जड़कर लगातार दूसरा शतक जड़ा।
ऋतुराज गायकवाड़ ने की शतकीय पारी के दम पर पश्चिम क्षेत्र ने गुरुवार को दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल के पहले दिन मध्य क्षेत्र के खिलाफ छह विकेट पर 363 रन बनाकर वापसी की।दिन के स्टार गायकवाड़ रहे जिन्होंने पिछले महीने बुची बाबू टूर्नामेंट में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ महाराष्ट्र के लिए 133 रन की पारी खेलने के बाद लगातार दूसरा शतक जड़ा। उन्होंने अपनी पारी में 206 गेंद का सामना किया।
गायकवाड़ मध्यक्रम में तब बल्लेबाजी के लिए आए जब पश्चिम क्षेत्र की टीम जायसवाल (04 रन) और हार्विक देसाई (01) के विकेट गंवाने के बाद दो विकेट पर 10 रन बनाकर संघर्ष कर रही थी। जायसवाल को तेज गेंदबाज खलील अहमद ने आउट किया जबकि हार्विक ने दीपक चाहर की गेंद पर पहली स्लिप में यश राठौड़ को आसान कैच थमा दिया। गायकवाड़ ने इसके बाद आर्य देसाई के साथ तीसरे विकेट के लिए 90 रन की उपयोगी साझेदारी की और पश्चिम क्षेत्र की टीम को वापसी दिलाने की कोशिश की। गायकवाड़ ने अर्धशतक 85 गेंद में पूरा किया लेकिन दोपहर के सत्र में उन्होंने 131 गेंद में 100 रन पूरे किए और इस तरह दूसरा अर्धशतक केवल 51 गेंद में पूरा हुआ।




































































































