भोपाल। वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय में शनिवार, 4 अक्टूबर 2025 को छठवां वार्षिक दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर 2572 स्नातक, 503 स्नातकोत्तर, और 18 डॉक्टरेट छात्रों को उपाधियाँ प्रदान की गईं। समारोह की अध्यक्षता वीआईटी भोपाल के चांसलर डॉ. जी. विश्वनाथन ने की और उन्होंने छात्रों को शपथ दिलाई।
समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी उपस्थित रहे। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने शिक्षा में संस्कृति और विज्ञान के गहरे संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक विज्ञान मानव प्रगति के उपकरण और तकनीक प्रदान करता है, जबकि संस्कृति हमारे मूल्य, पहचान और नैतिक दिशा तय करती है। भारत की प्राचीन गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा हमेशा समग्र रही है—जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर आधारित है। इसमें शास्त्र, विज्ञान, कला और दर्शन सभी का समावेश था और यह धर्म तथा गुरु के प्रति सम्मान की भावना से जुड़ा था।
डॉ. जोशी ने कहा कि भारतीय दर्शन, योग, ध्यान और शास्त्रीय कलाएँ ऐसी कालातीत विधाएँ हैं जो बुद्धि को तीक्ष्ण बनाती हैं, आत्मबल को पोषित करती हैं और जीवन में सामंजस्य लाती हैं। उन्होंने अहिंसा, सत्य और अपरिग्रह जैसे मूल्यों को समाज के नैतिक आधार बताया। भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं—महाराष्ट्र की भक्ति परंपरा, केरल की मार्शल आर्ट्स और पूर्वोत्तर के बुनाई शिल्प—का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक जड़ें हमें विविधता में एकता का बोध कराती हैं और आत्मगौरव जगाती हैं। उन्होंने कहा, “हमारी विरासत कोई सीमा नहीं, बल्कि शक्ति का स्रोत है, जो युवाओं को विवेक, करुणा और आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर उड़ान भरने की प्रेरणा देती है।” उन्होंने यह भी कहा कि वी आई टी भोपाल भारत के हृदय में स्थित एक आधुनिक गुरुकुल का उदाहरण है, जहाँ पारंपरिक मूल्य और आधुनिक तकनीक का अद्भुत समन्वय है।
समारोह में प्रेरक वक्ता और कथाकार मालविका जोशी, वीआईटी के चांसलर शंकर विश्वनाथन, ट्रस्टी श्रीमती रमणी बालासुंदरम, वाइस प्रेसिडेंट श्रीमती कादंबरी एस. विश्वनाथन, प्रो वाइस चांसलर टी. बी. श्रीधरन और एक्टिंग रजिस्ट्रार श्री के. के. नायर भी उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में स्क्वाडस्टैक के सह-संस्थापक और सीईओ अपूर्व अग्रवाल ने भी समारोह की शोभा बढ़ाई। उन्होंने अपने उद्बोधन में छात्रों को नवाचार, प्रौद्योगिकी और उद्यमशीलता को अपनाने की प्रेरणा दी।
असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट श्रीमती कादंबरी एस. विश्वनाथन ने बताया कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और उद्योगों में भर्ती की मंदी के बावजूद, वीआईटी भोपाल ने पिछले आठ वर्षों में सराहनीय प्लेसमेंट रिकॉर्ड बनाए रखा है। विश्वविद्यालय ने शुरुआती तीन वर्षों तक लगातार 90% प्लेसमेंट हासिल किया। वर्ष 2025 के स्नातक वर्ग में 1350 से अधिक छात्रों को नौकरी के प्रस्ताव मिले, जिसमें सर्वाधिक पैकेज ₹51 लाख प्रतिवर्ष रहा। 575 से अधिक छात्रों को “ड्रीम” और “सुपर ड्रीम” ऑफर प्राप्त हुए हैं, जिनमें गूगल, एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन जैसी प्रतिष्ठित वैश्विक कंपनियाँ शामिल हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि 2025 बैच के 85% “स्टार” छात्र पहले ही नियुक्त हो चुके हैं, जिनमें कुछ को ₹46 लाख प्रतिवर्ष तक का पैकेज मिला है। ये छात्र अमेजन, नेटऐप, डेल, सिग्निफाई इनोवेशन लैब, होंडा जैसी कंपनियों में कार्यरत होंगे।
श्रीमती कादंबरी ने विश्वास व्यक्त किया कि 2026 के बैच का प्लेसमेंट सत्र और भी सफल रहेगा। इस वर्ष माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल, मीडियाटेक, स्ट्राइकर और यूबीएस जैसी प्रमुख कंपनियों ने भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है, और ज़ोमैटो द्वारा ₹56 लाख का शीर्ष पैकेज पहले ही दिया जा चुका है। पिछले चार वर्षों में वीआईटी भोपाल से अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट भी हुए ए हैं, जिससे उसकी वैश्विक उपस्थिति लगातार मजबूत हो रही है।






































































































