
नई दिल्ली
न्यूजीलैंड वर्सेस वेस्टइंडीज तीसरा टेस्ट माउंट माउंगानुई के बे ओवल मैदान पर खेला जा रहा है। इस मैच में न्यूजीलैंड की सलामी जोड़ी -डेवोन कॉनवे और टॉम लाथम- ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की जो टेस्ट क्रिकेट के 148 साल के इतिहास में इससे पहले कोई नहीं कर पाया। न्यूजीलैंड ने तीसरा टेस्ट जीतने के लिए वेस्टइंडीज के सामने 462 रनों का टारगेट रखा है। चौथे दिन के अंत तक वेस्टइंडीज ने बिना विकेट खोए 43 रन बना लिए हैं। जिस तरह यह विकेट खेल रही है, उसे देखकर उम्मीद लगाई जा सकती है कि वेस्टइंडीज आखिरी दिन 419 रनों का पीछा करने जरूर जाएगी। बता दें, तीन मैच की इस सीरीज में न्यूजीलैंड 1-0 से आगे है। पहला टेस्ट ड्रॉ रहा था।
टॉम लैथम और डेवोन कॉनवे की जोड़ी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहली पारी में शतक जड़ते हुए क्रमश: 137 और 227 रनों की शानदार पारियां खेली थी। इनके दम पर ही न्यूजीलैंड 575 के स्कोर तक पहुंचने में कामयाब रहा था। वेस्टइंडीज को 420 रनों पर समेट जब न्यूजीलैंड ने दूसरी पारी में बैटिंग करने उतरा तो फिर टॉम लैथम और डेवोन कॉनवे ने शतक जड़ दिए। इस बार लैथम ने 101 तो कॉनवे ने 100 रन बनाए।
इसी के साथ 148 साल के टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में डेवोन कॉनवे और टॉम लैथम की जोड़ी एक टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक जड़ने वाली पहली ओपनिंग जोड़ी बन गई है। डेवोन कॉनवे ने इसी के साथ न्यूजीलैंड के लिए एक और इतिहास रचा। वह न्यूजीलैंड क्रिकेट इतिहास के पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं, जिसने एक टेस्ट में दोहरा शतक और शतक जड़ा हो। यह टेस्ट मैच सही में न्यूजीलैंड के लिए ऐतिहासिक रहा है। आखिरी दिन उन्हें सीरीज अपने नाम करने के लिए 419 रनों को डिफेंड करना होगा।




































































































