
मुंबई
भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने इंडसइंड बैंक के सीईओ सुमंत कठपालिया और उनके डिप्टी अरुण खुराना को पद से हटने को कहा है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक रिजर्व बैंक ने अकाउंटिंग गड़बड़ी के बाद इंडसइंड बैंक के मैनेजमेंट से यह बात कही है। दरअसल, आरबीआई जमाकर्ताओं के विश्वास को प्रभावित होने से बचाने के लिए व्यवस्थित बदलाव चाहता है। इस विसंगति के कारण मूडीज ने बैंक की रेटिंग को संभावित डाउनग्रेड के लिए समीक्षा के लिए रखा है।
बैंक ने पेशेवर को किया नियुक्त
इस बीच, इंडसइंड बैंक ने अपने वायदा-विकल्प खंड से संबंधित ऑडिटिंग विसंगतियों के मूल कारण का पता लगाने के लिए एक पेशेवर कंपनी को नियुक्त किया है। अनुमान के अनुसार, ऑडिटिंग में 2,100 करोड़ रुपये की विसंगति से बैंक की निवल संपत्ति पर 2.35 प्रतिशत का असर पड़ सकता है। बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया, निदेशक मंडल ने गुरुवार को अपनी बैठक में विसंगतियों के मूल कारण की पहचान करने, प्रचलित ऑडिटिंग मानकों के संबंध में व्युत्पन्न अनुबंधों के लेखांकन उपचार की शुद्धता व प्रभाव का आकलन करने के लिए एक व्यापक जांच करने हेतु स्वतंत्र पेशेवर कंपनी को नियुक्त करने का निर्णय लिया। इसके अलावा, यह कंपनी किसी भी चूक की पहचान करेगी और लेखांकन में विसंगतियों के संबंध में जवाबदेही सुनिश्चित करेगी। बता दें कि बैंक ने 10 मार्च को अपने वायदा-विकल्प खंड में कुछ विसंगतियों के बारे में जानकारी दी थी। बैंक की आंतरिक समीक्षा में पाया गया कि इससे दिसंबर 2024 तक उसकी कुल संपत्ति पर करीब 2.35 प्रतिशत का नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
मूडीज रेटिंग्स की नजर
मूडीज रेटिंग्स ने 17 मार्च को बैंक की रेटिंग को संभावित डाउनग्रेड के लिए समीक्षा पर रखा। इसमें कहा गया है कि ऑडिटिंग में विसंगति बैंक के रिस्क मैनेजमेंट, अनुपालन और रिपोर्टिंग में कमजोरी को दिखाती है और इन क्षेत्रों में लगातार कमजोरियां इंडसइंड की प्रतिष्ठा को कमजोर कर सकती हैं। इसलिए इसकी फंडिंग और लिक्विडिटी को भी नुकसान पहुंचा सकती है। बता दें कि इस महीने इंडसइंड बैंक के शेयरों में 30% से अधिक की गिरावट आई है।




































































































